खाद्य सुरक्षा योजना मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष में बहस, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
75 लाख नए नाम जुड़े
जयपुर विधानसभा में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गेहूं आवंटन को लेकर बहस हुई। मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि 75 लाख नए नाम जुड़े हैं, लेकिन केवाईसी समस्याओं के कारण वितरण प्रभावित है। विदेश में काम करने वाले पात्र नहीं माने गए। विपक्ष ने नामों की कटौती और केवाईसी मुद्दों पर सवाल उठाए।
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गेहूं आवंटन को लेकर प्रश्न पर पक्ष विपक्ष में जमकर बहस हुई।
विधायक रामनिवास गावड़िया के प्रश्न पर मंत्री सुमित गोदारा ने जवाब दिया कि 75 लाख नए नाम जुड़े हैं। एक केवाईसी की समस्या आ रही है। उसके लिए भी हम कोशिश करेंगे कि हर व्यक्ति जो पात्र है उसको गेहूं प्राप्त हो। गोदारा ने कहा कि विदेश में जो बैठकर काम कर रहे हैं क्या उनको गेहूं आप देना चाहते हो? यह गरीबों के लिए योजना है। विदेश में बैठकर जो काम करते हैं उनके लिए यह योजना नहीं है?इस पर सदन में हंगामा हुआ। विधायक ने कहा कि विदेश में कौन जा रहा है कौन पैसे वाला विदेश जा रहा है। वहां कामगार जा रहे हैं गरीब जा रहे हैं गांव का आदमी विदेश में बैठकर काम कर रहा है। मजदूरी कर रहा है उसको आप कह रहे हो कि वह गरीब नहीं है। मंत्री ने जवाब दिया कि विदेश में बैठे व्यक्ति को क्या पार्सल से हम गेहूं भेजेंगे। विदेश में बैठकर जो काम कर रहा है वह गरीब नहीं है। स्पीकर महोदय आप उसका डाटा निकलवा कर देख लो। विधायक रामनिवास ने कहा कि दूसरे स्टेट में भी काम के लिए गया है क्या वह गरीब नहीं है। इन लोगों को यही दिक्कत है कि भजनलाल सरकार ने 75 लाख नए नाम कैसे जोड़ दिए। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि यह स्कीम हमें लेकर आए थे जितने नाम आपने जोड़े हैं। उतने नाम काटे भी है। मंत्री ने कहा कि 2025 से पोर्टल चालू है। जूली ने कहा कि पांच साल से कम की केवाईसी नहीं होने की वजह से गेहूं नहीं मिल रहा। जो सवाल पूछे जा रहे हैं, उनकाजबाव नहीं दिया जा रहा है।

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