तृतीय श्रेणी शिक्षक तबादलों पर सदन में पक्ष विपक्ष में बहस, दिलावर ने कांग्रेस पर लगाए आरोप
शिक्षकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया
राजस्थान विधानसभा में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों पर बहस छिड़ गई। विपक्ष (कांग्रेस) ने ढाई लाख शिक्षकों के लंबित इंटर-डिस्ट्रिक्ट तबादलों की समस्या उठाई, जबकि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों पर हुई चर्चा ने सदन में गरमागरम बहस छेड़ दी। प्रश्नकाल के दौरान यह मुद्दा प्रमुखता से उभरा, जहां कांग्रेस ने लंबे समय से लंबित तबादलों को लेकर सरकार पर हमला बोला, जबकि सत्ताधारी भाजपा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए शिक्षकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और अन्य कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि तृतीय श्रेणी के लगभग ढाई लाख शिक्षक कई वर्षों से तबादलों का इंतजार कर रहे हैं। सात साल से अधिक समय से इन शिक्षकों के इंटर-डिस्ट्रिक्ट तबादलों पर रोक लगी हुई है, जिससे उनकी पारिवारिक और व्यक्तिगत समस्याएं बढ़ रही हैं। विपक्ष ने मांग की कि सरकार पारदर्शी नीति बनाकर जल्द तबादले शुरू करे और शिक्षकों को राहत दे। उन्होंने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर भी निशाना साधा कि वे शिक्षकों को गुमराह कर रहे हैं और पुरानी कांग्रेस सरकार के समय की शिक्षा व्यवस्था पर दोषारोपण कर मुद्दे से ध्यान भटका रहे हैं। जवाब में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों के लिए इंटर-डिस्ट्रिक्ट तबादले का कोई प्रावधान नहीं है। कैबिनेट में इस पर चर्चा हो सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है। कांग्रेस शासनकाल में शिक्षा का बंटाधार हुआ था, जिसे वर्तमान सरकार ने सुधारकर राजस्थान को देश में बेहतर रैंकिंग दिलाई है। उन्होंने जर्जर स्कूलों और अन्य शिक्षा मुद्दों पर भी बहस के दौरान सरकार के प्रयासों का जिक्र किया। चर्चा के दौरान सदन में हंगामा भी हुआ, जब दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

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