विधानसभा में राइट टू हेल्थ पर पक्ष विपक्ष के बीच हंगामा, कांग्रेस ने किया वॉक आउट
सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई
राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान राइट टू हेल्थ कानून लागू न करने पर जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस ने सरकार पर देरी का आरोप लगाया, जबकि स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने चिरंजीवी सहित अन्य योजनाओं का हवाला दिया। मंत्री के बयान पर विपक्ष ने नारेबाजी कर वेल में प्रदर्शन किया और अंततः वॉकआउट किया।
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान जमकर हंगामा हुआ। मुख्य विवाद राइट टू हेल्थ कानून के नियमों को लागू न करने पर केंद्रित रहा, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई।
कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा पारित इस कानून को लागू करने में जानबूझकर देरी की जा रही है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोग महंगे इलाज से जूझ रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि यह कानून राजस्थान की जनता के स्वास्थ्य अधिकार की रक्षा करता है, लेकिन भाजपा सरकार मेडिकल लॉबी के दबाव में इसे कमजोर कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने जवाब देते हुए कहा कि राइट टू हेल्थ बिल कांग्रेस सरकार में लाया गया था, लेकिन निजी अस्पतालों, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आदि के साथ समझौते को शामिल नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि इसकी जरूरत ही नहीं है, क्योंकि सरकार पहले से चिरंजीवी योजना, निरोगी राजस्थान जैसी योजनाओं से फ्री ट्रीटमेंट और जांच सुविधाएं दे रही है। मंत्री के इस बयान पर विपक्ष भड़क उठा, नारेबाजी हुई और कांग्रेस सदस्य वेल में पहुंचकर हंगामा किया। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने चेतावनी दी और सदन व्यवस्था बनाए रखने को कहा। अंत में कांग्रेस ने वॉकआउट भी किया।

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