जयपुर पुलिस के छह पुलिसकर्मी बने ‘कांस्टेबल ऑफ द मंथ’, उत्कृष्ट कार्य के लिए किए गए सम्मानित
भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे
जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने छह पुलिसकर्मियों को “कांस्टेबल ऑफ द मंथ” पुरस्कार से सम्मानित किया। जनवरी 2026 में सम्मानित कांस्टेबलों ने चोरी, अज्ञात मृतक पहचान, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी, कानून-व्यवस्था प्रबंधन, यातायात नियम पालन और चिटफंड मामलों के निस्तारण में उत्कृष्ट योगदान दिया।
जयपुर। सचिन मित्तल ने पुलिस आयुक्तालय में आयोजित समारोह में उत्कृष्ट, सराहनीय, मेहनत, लगन एवं समर्पण से कार्य करने वाले छह पुलिसकर्मियों को “कांस्टेबल ऑफ द मंथ” पुरस्कार से सम्मानित किया।
पुलिस आयुक्त मित्तल ने कहा कि पुलिस का ध्येय वाक्य आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय की भावना को साकार करने के लिए जयपुर पुलिस निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि ‘कांस्टेबल ऑफ द मंथ’ पुरस्कार से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ेगा तथा वे भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे।
जनवरी 2026 के सम्मानित पुलिसकर्मी :
1. रामवतार, कांस्टेबल, थाना बजाज नगर (जिला पूर्व)
रामवतार ने थाना क्षेत्र में नौकर द्वारा अपने मालिक के घर से आलमारियों के ताले तोड़कर लाखों रुपये चोरी करने की वारदात का पर्दाफाश किया। आरोपी मोंटू उर्फ रामू उर्फ मनोज ठाकुर को बिहार से गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 22 लाख रुपये तथा अतिरिक्त 27.50 लाख रुपये बरामद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
2. मोतीलाल, कांस्टेबल, थाना सेज (जिला पश्चिम)
अज्ञात मृतक की शिनाख्त तथा अज्ञात आरोपियों की तलाश में तकनीकी एवं अन्य स्रोतों से सूचना एकत्रित कर आरोपी सूरज सैन उर्फ दिलावर उर्फ दिल्लों एवं रोहित बैरवा की गिरफ्तारी में अहम योगदान दिया।
3. गिर्राज प्रसाद, कांस्टेबल, थाना आमेर (जिला उत्तर)
वांछित अपराधियों के विरुद्ध जारी सम्मन व वारंटों की अधिकतम तामील करवाकर संबंधित न्यायालय में पेश करवाने तथा 28 स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार करने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई।
4. जीत सिंह, कांस्टेबल, थाना सांगानेर सदर (जिला दक्षिण)
राजस्थान सरकार द्वारा जेईसीसी सीतापुरा में आयोजित “डिजीपेस्ट 2026” के दौरान कानून-व्यवस्था ड्यूटी में उत्कृष्ट पुलिस प्रबंधन किया। साथ ही थाने में वर्षों से लंबित स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंटों के निस्तारण में सराहनीय कार्य किया।
5. राजपाल, कांस्टेबल, यातायात प्रशासन जयपुर
इंटरसेप्टर वाहन पर तैनात रहते हुए तेज गति व लापरवाही से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की तथा मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत 5060 चालान कर यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
6. चेतन प्रकाश, कांस्टेबल, कार्यालय अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (अन्वेषण), पुलिस आयुक्तालय जयपुर
चिटफंड से संबंधित धोखाधड़ी के प्रकरणों का रिकॉर्ड संधारण, लंबित मामलों के निस्तारण हेतु पत्राचार तथा तीन माह से अधिक अवधि के लंबित एफआर और छह माह से अधिक लंबित चालानों को न्यायालय में प्रस्तुत करवाने में परिश्रमपूर्वक कार्य किया।

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