परवन वृहद सिंचाई परियोजना : डूब क्षेत्र के 18 गांवों को मानसून 2026 से पहले खाली करने की चेतावनी, सार्वजनिक सूचना जारी
वर्तमान निवास स्थल खाली करने के निर्देश जारी
परवन वृहद सिंचाई परियोजना के तहत पूर्ण एवं आंशिक डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों के प्रभावित परिवारों को मानसून 2026 से पहले वर्तमान निवास स्थल खाली करने के निर्देश जारी किए गए। जल संसाधन विभाग, कालीसिंध परियोजना खंड झालावाड़ के अधिशाषी अभियंता ने इस संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी की।
जयपुर। परवन वृहद सिंचाई परियोजना के तहत पूर्ण एवं आंशिक डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों के प्रभावित परिवारों को मानसून 2026 से पहले वर्तमान निवास स्थल खाली करने के निर्देश जारी किए गए हैं। जल संसाधन विभाग, कालीसिंध परियोजना खंड झालावाड़ के अधिशाषी अभियंता ने इस संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी की है। सूचना के अनुसार पूर्ण डूब क्षेत्र में आने वाले ग्राम भीलखेड़ा, खेरखेड़ा, मानपुरा, बुखारी, सेवनिया, हथोला, हथोली, समरोल, छापीहेड़ा और कांगनीखेड़ा सहित कई गांवों के साथ आंशिक डूब प्रभावित ग्राम दौलाड़ा, अकावदखुर्द, महुआखेड़ा, बरेड़ा, बोरखेड़ी, हनोती और खोखेरालाला शामिल हैं। इन गांवों के प्रभावित परिवारों का पुनर्वास प्रस्तावित कॉलोनियों में किया जाना है, लेकिन अब तक सभी परिवार वहां विस्थापित नहीं हुए हैं।
विभाग ने बताया कि प्रभावितों को गत वर्ष भी आवंटित भूखंडों पर पुनर्वास कॉलोनियों में बसने के लिए सूचित किया जा चुका है, फिर भी कई परिवारों ने स्थानांतरण नहीं किया है। परवन बांध निर्माण कार्य लगभग 94 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है और कुल 15 में से 14 गेट बनकर तैयार हैं। आगामी वर्षाकाल में बांध में जल भराव किया जाना प्रस्तावित है। विभाग ने जनहित में चेतावनी दी है कि सभी प्रभावित परिवार समय रहते स्थल खाली कर दें, ताकि जानमाल की हानि से बचा जा सके। बांध भराव के बाद होने वाले किसी भी नुकसान या जनहानि के लिए संबंधित प्रभावित स्वयं जिम्मेदार होंगे।

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