स्किल से रोजगार की 100% और बेरोजगारी भत्ते में 82% की दर से बढ़ी रफ्तार : लोगों को शिविरों से काम का मौका मिला, 4.14 लाख को बेरोजगारी भत्ता दिया
दिव्यांगों को ट्रेनिंग देकर प्रशिक्षित किया
वहीं 1.19 लाख युवाओं का शिविरों में प्राइवेट सेक्टर में रोजगार का मौका मिला है। वहीं महिलाओं और दिव्यांगजनों को कौशल ट्रेनिंग देने में भी ढ़ाई गुना तक बढ़ोतरी हुई है।
जयपुर। राजस्थान में कौशल से रोजगार और इंटर्नरशिप के साथ बेरोजगारी भत्ता देने की रफ्तार भजनलाल सरकार में क्रमश: 100 फीसदी और 82 फीसदी तेज हुई है। कांग्रेस राज में राजस्थान में सीएम युवा सम्बल योजना के तहत पूरे कार्यकाल में 5.04 लाख युवाओं को बेरोजगारी भत्ता दिया गया। कौशल, नियोजन ओर उद्यमिता शिविरों में 1.35 लाख युवाओं को काम का मौका मिला। जबकि वर्तमान सरकार में कौशल, रोजगार और उद्यमिता विभाग ने दो साल में 4.14 लाख युवाओं को बेरोजगारी भत्ता दिया जा चुका है।
वहीं 1.19 लाख युवाओं का शिविरों में प्राइवेट सेक्टर में रोजगार का मौका मिला है। वहीं महिलाओं और दिव्यांगजनों को कौशल ट्रेनिंग देने में भी ढ़ाई गुना तक बढ़ोतरी हुई है। तब 1.18 लाख महिलाओं, 8695 दिव्यांगों को और अब दो साल में 1.19 लाख महिलाओं और 16062 दिव्यांगों को ट्रेनिंग देकर प्रशिक्षित किया जा चुका है।
कौशल से यूं भी बदल रही युवाओं की आत्मनिर्भर बनाने की तस्वीर
- 3.41 लाख युवाओं को विभिन्न योजनाआं में ट्रेनिंग मिली। इसे पहले पांच साल में 2.35 लाख को दी गई।
- 431 ट्रेनिंग पार्टनर को साथ लेकर ट्रेनिंग, इससे पहले पांच साल में कुल 572 ट्रेनिंग पार्टनर रहे।
- दो साल में 40 नए कैरियर ओरिएटंड और मल्टी टास्किंग ट्रेनिंग कोर्स शुरू हुए।
- कौशल, रोजगार से जुडी योजनाओं की रियल टाइम मोनिटरिंग को एम्प्लायमेंट एक्सचेंज मैनजमेंट सिस्टम-2 बन रहा।
- आईटीआई में टैक्नोलॉजिकल ट्रेनिंग को 1139 कनिष्ठ अनुदेशक रखे, बीत पांच साल में 359 ही रखे गए। 144 स्मॉर्ट क्लॉस रूम बनाए गए।
- सरकार कौशल नीति 2025 लाई, रोजगार नीति 2026 लेकर आई।

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