खेजड़ी बचाओ आंदोलन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रतिक्रिया, कहा- विकास एवं प्रकृति के बीच संतुलन का सख्ती से पालन का वक्त

पर्यावरण को बचाना बहुत जरूरी है

खेजड़ी बचाओ आंदोलन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की प्रतिक्रिया, कहा- विकास एवं प्रकृति के बीच संतुलन का सख्ती से पालन का वक्त

खेजड़ी बचाओ आंदोलन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पहले अरावली एवं अब खेजड़ी बचाने को लेकर चल रहे आंदोलन राजस्थान के लिए शुभ संकेत। गहलोत ने कहा है कि विश्नोई समाज, प्रदेशवासी और संतगण बधाई के पात्र हैं, क्योंकि बिना पर्यावरण के हम आने वाली पीढ़ियों को क्या जबाव देंगे।

जयपुर। खेजड़ी बचाओ आंदोलन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पहले अरावली एवं अब खेजड़ी बचाने को लेकर चल रहे आंदोलन राजस्थान के लिए शुभ संकेत है। गहलोत ने कहा है कि विश्नोई समाज, प्रदेशवासी और संतगण बधाई के पात्र हैं, क्योंकि बिना पर्यावरण के हम आने वाली पीढ़ियों को क्या जबाव देंगे। अमृता देवी ने तो खेजड़ी बचाने के लिए इतिहास बनाकर खुद को अमर कर दिया। अब हम ये प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेंगे तो ही ये पर्यावरण बचेगा। इसमें कोई दोहराय नहीं कि विकास अपने आप मे महत्व रखता है, लेकिन विकास और पर्यावरण में संतुलन नहीं रहेगा तो स्थिति बिगड़ेगी और प्रदूषण फैलेगा। पर्यावरण आम व्यक्ति के लिए जो महत्व रखता है, उसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। इंदिरा गांधी ने इस समस्या को उस समय पहचान लिया था और पूरे विश्व में पर्यावरण को लेकर आह्वान किया था कि पर्यावरण को बचाना बहुत जरूरी है और आज तक भी वही थीम चल रही है।

धीरे धीरे अब लोगों को समझ में आ रहा है कि अब खाली बीकानेर में आंदोलन करने से काम नहीं चलेगा, सभी जिलों में संगोष्ठी हों। जिसमें चर्चा कर लोगों को समझाएं कि प्रदूषण में पर्यावरण का क्या महत्व है।पर्यावरण को लेकर जो चेतना आमजन में आई है वह सराहनीय है। अब वक्त आ गया है कि विकास एवं प्रकृति के बीच संतुलन का सख्ती से पालन करवाया जाए। प्रत्येक नागरिक को इसकी सोच पैदा करनी चाहिए। तब जाकर संतुलन बनेगा तो पर्यावरण बच पाएगा। पर्यावरण प्रेमी तो बैठे हैं ही, लेकिन सरकार पर दबाव बनाना जरूरी है। मुख्यमंत्री इस मामले में खुद हस्तक्षेप करके लोगों को बुलाकर बात करें। पश्चिमी राजस्थान में सोलर प्लांट विकास के लिए लग रहे हैं, लेकिन बदले में लाखों खेजड़ी के पेड़ काटे जा रहे हैं। सरकार को नीति बनानी पड़ेगी कि हम किस हद तक आगे जाएं कि आने वाले वक्त में हम गर्मी बढ़ने को रोकने के लिए कैसे सन्तुलन बना सकते हैं। सरकार को इस मामले में सभी दलों के लोगों को संतुष्ट करने की जरूरत है।

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

खान विभाग ने जुटाया 8,888 करोड़ का राजस्व : फील्ड स्तर पर राजस्व संग्रहण की रणनीति की तय, अधिकारियों के साथ की समीक्षा खान विभाग ने जुटाया 8,888 करोड़ का राजस्व : फील्ड स्तर पर राजस्व संग्रहण की रणनीति की तय, अधिकारियों के साथ की समीक्षा
खान एवं भू-विज्ञान विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम महीने में 1500 करोड़ रुपए से अधिक राजस्व जुटाने का...
विधायक जयकृष्ण पटेल ने उठाया ट्राइबल एरिया में भर्ती नही होने का मुद्दा, गजेंद्र खींवसर ने कहा-आगामी 25000 भर्तियों में दी जाएगी ट्राइबल एरिया को प्राथमिकता
वैश्विक आर्थिक संकट: पश्चिम एशिया में तेल की सप्लाई बाधित, होर्मुज जलडमरूमध्य सिर्फ US इजरायल और यूरोप के जहाजों के लिए बंद
रायसीना डायलॉग 2026: पीएम मोदी आज शाम करेंगे उद्घाटन, 110 देशों के प्रतिनिधि ले रहे हैं हिस्सा, सबसे चुनौतीपूर्ण मुद्दों पर होगी चर्चा
जरा देखूं तो कैसा है मेरा घर का आंगन, टाइग्रेस ने किया शिकार, रास आ रहा मुकुंदरा
राजस्थान विधानसभा: देवेंद्र जोशी ने बोला चिकित्सा मंत्री खीवसर पर हमला, कहा-जोधपुर मेडिकल कॉलेज में सोनोग्राफी मशीन लगाने का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं
राज्यसभा चुनाव: जदयू उम्मीदवारों के नाम पर सस्पेंस, नामांकन की आज अंतिम तिथि, नीतीश के बेटे निशांत पार्टी में शामिल होने के लिए तैयार