चिकित्सा विभाग में एक साल 24 हजार भर्ती : 6.23 करोड़ लोगों की हैल्थ हिस्ट्री डाटा तैयार दूसरे राज्यों में भी निशुल्क इलाज जल्द
राइजिंग राजस्थान में 50% एमओयू जमीन पर उतरे
प्रदेश को मेडिकल हब बनाने को राइजिंग राजस्थान में 62 हजार करोड़ के निवेश एमओयू आए थे, जिनमें से 50 फीसदी से अधिक 36,575 करोड़ के जमीन पर उतर आए हैं।
जयपुर। राजस्थान में चिकित्सा विभाग ने प्रदेश के 6.23 करोड़ लोगों की हैल्थ हिस्ट्री तैयार कर उनके आभा आईडी बना दी है। अब लोगों को अपनी हैल्थ हिस्ट्री के लिए पर्चियों का रिकॉर्ड नहीं रखना पड़ेगा। ये डाटा स्वत: ही ऑनलाइन हो जाएगा। वहीं दूसरे राज्यों में भी प्रदेश के लोगों को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में 25 लाख तक का निशुल्क इलाज इंटर स्टेट पोर्टबिलिटी स्कीम से मिलने जा रहा है। वे बाहरी राज्यों के अस्पतालों में भी 25 लाख तक का इलाज निशुल्क ले सकेंगे। भजनलाल सरकार ने हैल्थ सिस्टम मजबूती को एक साल में रिकॉर्ड 24 हजार भर्तियां विभाग में की हैं। वहीं 26 हजार प्रक्रियाधीन हैं। सरकार बनते ही मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना लागू की गई। जिसमें रोज 8200 लोग निशुल्क इलाज ले रहे हैं। अब तक 66 लाख लोगों ने बीमा राशि से 3394 करोड़ का निशुल्क इलाज लिया है। जल्द इसमें ट्रांसप्लांट और रोबोटिक सर्जरी की अत्याधुनिक सेवाएं भी जुड़ेंगी। 25 लाख तक के 2407 बीमारियों के निशुल्क इलाज पैकेज विभाग दे रहा है। प्रदेश को मेडिकल हब बनाने को राइजिंग राजस्थान में 62 हजार करोड़ के निवेश एमओयू आए थे, जिनमें से 50 फीसदी से अधिक 36,575 करोड़ के जमीन पर उतर आए हैं।
जयपुर में अत्याधुनिक सेवाएं यूं विकसित हो रही
आरयूएचएस को एम्स की तर्ज पर रिम्स बनाया जा रहा है। बीते साल 200 करोड़ और अब 500 करोड़ दिए गए हैं। इसमें 700 बैड और 270 आईसीयू बैड होंगे। सभी गंभीर बीमारियों का इलाज होगा। एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में 85 करोड़ अत्याधुनिक सेवा-चौबीस घंटे इलाज में खर्च हो रहे हैं। 1100 करोड़ का आईपीडी टॉवर 2026 तक बन जाएगा। इसमें 1243 बैड, 20 ओटी, 4 कैथलैब, 100 ओपीडी काउंटर होंगे। यहीं हॉर्ट के मरीजों को चौबीसों घंटे त्वरित इलाज को इंस्टीटयूट ऑफ कार्डियो वेस्कुलर साइंसेज टॉवर इसी साल शुरू हो जाएगा।
प्रदेश में हैल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 15 हजार करोड़ रुपए अलग से दिए
भजनलाल सरकार ने आते ही प्रदेश में हैल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूती को 15 हजार करोड़ अलग से दिए थे। इससे बीते साल में 38 सीएचसी, 149 पीएचसी, 400 सब सेंटर, 57 ब्लॉक पब्लिक हैल्थ यूनिट, 6 इंटिग्रेटेड पीएचएल, 16 जिला औषधिक भंडर, 4 ट्रोमा सेंटर, 7 बीसीएमओ ऑफिस, 1 क्रिटिकल केयर ब्लॉक्स, 5 ब्लड बैंक बन चुके हैं।
71 हजार गर्भवतियों की निशुल्क सोनोग्राफी हुई बुजुर्गों को विशेष सेवाएं
मां वाउचर योजना के तहत अब तक 1.27 लाख गर्भवतियों को प्राइवेट अस्पतालों में 71 हजार महिलाओं ने सोनोग्राफी निशुल्क करवाई है। 1200 प्राइवेट अस्पताल इससे जोड़े हैं। हर साल 3 लाख गर्भवती महिलाओं को ये कूपन बांटे जाएंगे। वहीं जिला अस्पतालों में बुजुर्गों को अलग और खास इलाज को रामाश्रय वार्ड खोले गए हैं। यहीं उनकी जांच, उपचार, दवा सब सुविधाएं हैं। अब तक 14.21 लाख बुजुर्ग यहां इलाज ले चुके हैं। 20 हजार को फिजियोथैरेपी की सुविधा भी मिली है।
ये भी बड़ी उपलब्धियां
एक साल में 5 नए मेडिकल कॉलेज बारां, बांसवाड़ा, नागौर, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर में शुरू किए गए। जोधपुर में दो, कोटा में एक प्राइवेट कॉलेज शुरू हुआ। 750 मेडिकल सीटें बढ़ी।
20348 आयुष्मान आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले जा रहे, 11655 बनाए जा चुके।
111 बेसिक लाइफ सपोर्ट, 58 एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस वाहन खरीद कर सेवाओं में लगाए।
अंग प्रत्यारोपण के फर्जीवाड़े को रोकने को राज्यस्तरीय प्राधिकार समिति, सलाहकार समिति, सोटो, स्टीयरिंग कमेटी बनाई गई। नई एसओपी जारी की गई। ऑनलाइन वेब पोर्टल भी बनाया जा रहा है।
आमजन में बीमारी स्क्रीनिंग को 3224 आयुष्मान आरोग्य शिविर लगे। 11.59 लाख लोगों की जांच-इलाज हुआ।
13,711 खाद्य पदार्थ दुकान-प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण कर मिलावटखोरों पर कार्रवाई हुई।
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