भारत समृद्ध विरासत और विविध अनुभवों का संगम : पर्यटन को आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता का आधार बनाना लक्ष्य : शेखावत ने कहा- समावेशी पर्यटन ही भविष्य का मार्ग

पर्यटन क्षेत्रों को उनकी पूर्ण क्षमता तक पहुंचाने के लिए सुनियोजित प्रयास आवश्यक

भारत समृद्ध विरासत और विविध अनुभवों का संगम : पर्यटन को आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समरसता का आधार बनाना लक्ष्य : शेखावत ने कहा- समावेशी पर्यटन ही भविष्य का मार्ग

केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आईटीबी बर्लिन 2026 में भारत को जीवंत सभ्यता और समृद्ध विरासत का संगम बताया। उन्होंने कहा, सतत व समावेशी पर्यटन ही भविष्य है। सरकार आधारभूत ढांचे, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय भागीदारी पर जोर दे रही है, ताकि पर्यटन रोजगार, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास का मजबूत आधार बन सके।

जयपुर। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने भारत को हजारों वर्षों की जीवंत सभ्यता, समृद्ध विरासत और विविध अनुभवों का संगम बताया है और कहा है इसका लक्ष्य पर्यटन को आर्थिक प्रगति के साथ सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक समरसता का आधार बनाना है। शेखावत ने जर्मनी की राजधानी बर्लिन में आयोजित आईटीबी बर्लिन, 2026 में विश्व समुदाय के समक्ष भारत की पर्यटन नीति और दूरदृष्टि को विस्तार से रखा और इस दौरान यह उद्गार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि भारत केवल भ्रमण का स्थान नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की जीवंत सभ्यता, समृद्ध विरासत और विविध अनुभवों का संगम है। उन्होंने रेखांकित किया कि सतत और समावेशी पर्यटन ही भविष्य का मार्ग है। 

यहां जारी सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने पर्यटन मंत्रियों के शिखर सम्मेलन में कहा कि उभरते पर्यटन क्षेत्रों को उनकी पूर्ण क्षमता तक पहुंचाने के लिए सुनियोजित प्रयास आवश्यक हैं। भारत सरकार आधारभूत संरचना के विकास, स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और संतुलित क्षेत्रीय विकास पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन को रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सु²ढ़ीकरण का माध्यम बनाया जा रहा है। आईटीबी बर्लिन में भारत मंडपम के उद्घाटन अवसर पर शेखावत ने कहा कि यह मंच विभिन्न राज्यों, उद्यमियों और अंतरराष्ट्रीय सहभागियों को संवाद तथा सहयोग का अवसर प्रदान करता है। भारत अपनी सांस्कृतिक धरोहर, आध्यात्मिक परंपराओं, वन्य जीवन, प्राकृतिक सौंदर्य और स्वास्थ्य पर्यटन की विशिष्टताओं को विश्व के समक्ष प्रस्तुत कर रहा है। आईटीबी बर्लिन 2026 में भारत की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया है कि देश वैश्विक पर्यटन जगत में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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