राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में पांडुलिपि संरक्षण पर राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू, प्राचीन ज्ञान और धरोहर संरक्षण को बढ़ावा
विषय-विशेष व्याख्यान एवं प्रदर्शन प्रस्तुत
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत 4 से 7 मई 2026 तक संस्थान में पांडुलिपियों का संरक्षण एवं परिरक्षण विषय पर चार दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन।
जयपुर। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (मानद विश्वविद्यालय), जयपुर, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत 4 से 7 मई 2026 तक संस्थान में पांडुलिपियों का संरक्षण एवं परिरक्षण विषय पर चार दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के आयुर्वेद पांडुलिपि विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित की जा रही है, जो देश में आयुर्वेद पांडुलिपि विज्ञान के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्यरत है और दुर्लभ एवं अप्रकाशित आयुर्वेदिक पांडुलिपियों के संकलन, डिजिटलीकरण, समालोचनात्मक संपादन एवं प्रकाशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस कार्यशाला में देशभर के विभिन्न संस्थानों से लगभग 25 संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित हुई है, जो इसकी राष्ट्रीय महत्ता को दर्शाती है। कार्यक्रम के अंतर्गत संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के ‘ज्ञान भारतम्’ से विशेषज्ञ प्रशिक्षक पांडुलिपि संरक्षण के उन्नत एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विशेष सत्र संचालित करेंगे। साथ ही विभागीय संकाय सदस्य विषय-विशेष व्याख्यान एवं प्रदर्शन प्रस्तुत करेंगे। कुलपति प्रोफेसर संजीव शर्मा ने बताया कि आयुर्वेद चिकित्सा के इस प्राचीन ज्ञान और धरोहर को सुरक्षित रखने के लिये संस्थान के पांडुलिपि विभाग द्वारा निरंतर कार्य किया जाता है।

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