नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026 : राजनाथ सिंह ने कहा-बदला है वार फेयर का चेहरा, तकनीक के चलते हुये क्रांतिकारी बदलाव, साइबर स्पेस में भी लड़े जा रहे युद्ध

रक्षा मंत्री ने फूंका आधुनिक तकनीक का मंत्र

नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026 : राजनाथ सिंह ने कहा-बदला है वार फेयर का चेहरा, तकनीक के चलते हुये क्रांतिकारी बदलाव, साइबर स्पेस में भी लड़े जा रहे युद्ध

प्रयागराज में नॉर्थ टेक सिम्पोजियम का उद्घाटन करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे रक्षा त्रिवेणी का संगम बताया। उन्होंने आधुनिक युद्ध में AI और ड्रोन की भूमिका को गेम चेंजर करार दिया। सिंह ने भारतीय सेना से चौकन्ना रहने और वैश्विक महाशक्ति बनने के लिए नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।

प्रयागराज। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को संगम नगरी प्रयागराज में शुरु हुये नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026 को ज्ञान व शक्ति का महाकुंभ बताते हुये कहा कि यह वास्तव में रक्षा त्रिवेणी का संगम है। राजनाथ सिंह ने तीन दिवसीय कार्यक्रम का उदघाटन करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि हर काल खंड में वार फेयर का चेहरा बदला है,विश्व युद्ध के बाद नई तकनीक का समावेश होते हुए दुनिया ने देखा है। 21वीं सदी में टेक्नोलॉजी के नए युग का आगाज हुआ है। उन्होने कहा कि यह इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी फॉर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दौर है। आज साइबर स्पेस में भी युद्ध लड़े जा रहे हैं।

उन्होने कहा कि बीते 10-15 वर्षों में क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध पर उन्होने कहा कि दोनों के बीच पारंपरिक युद्ध शुरू हुआ, लेकिन अब यह युद्ध ड्रोन और सेंसर युद्ध के रूप में गेम चेंजर बनकर उभरा है। आज सब कुछ वैपनाइज किया जा सकता है। आपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि इससे भारतीय सेना का शौर्य याद आता है। ऑपरेशन सिंदूर में आकाश मिसाइल हुए नवीन तकनीक का प्रयोग किया गया था। रक्षा मंत्री ने भारतीय सेना से सक्रिय ही नहीं बल्कि चौकन्ना भी रहने का आह्वान करते हुये कहा कि तभी हम आने वाली चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा और शिक्षा में नई टेक्नोलॉजी एक साल बाद भी लागू कर सकते हैं,लेकिन सेना में अगर हमने देरी की तो काफी पीछे हो जाएंगे,रक्षा मंत्री ने सेना से सरप्राइज एलिमेंट विकसित करने का आह्वान किया,सरप्राइज एलिमेंट ऐसा हो जिसे दुश्मन देश ने सोचा भी ना हो। उन्होने कहा कि आगे बढ़ने का एक ही मंत्र अनुकूलनशीलता है। सेना में इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा दिया जा रहा है, यूपी में डिफेंस कॉरिडोर और ब्रह्मोस का निर्माण किया जा रहा है, यूपी में हाल में ही लोकार्पित गंगा एक्सप्रेसवे को भी डिफेंस सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण बताया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि रक्षा में शोध को बढ़ावा देने के लिए कई सहूलियन दी गई हैं। रक्षा मंत्री ने इंडस्ट्री और एकेडमिया से अपील की, कि वे डिफेंस कॉरिडोर की तरह नॉलेज कॉरिडोर का भी निर्माण करें। अंत में रक्षा मंत्री ने कहा कि सबके सामूहिक प्रयास से ही भारत विश्व पटल पर सैन्य ताकत के रूप में स्थापित होगा, सबके प्रयासों से ही भारत वैश्विक महाशक्ति बनेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चुनौतियों को अवसर में बदलने का भी आह्वान किया।

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