बिना लाइसेंस के नहीं चलेगा कोई भी ई-रिक्शा
पुलिस और परिवहन विभाग करेंगे सख्ती
ओला शून्यकाल में विधायक वासुदेव देवनानी के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अजमेर शहर में ई-रिक्शा के लिए आवेदन पत्र प्राप्त होने पर नियमानुसार पंजीयन और लाइसेंस बनाए जाते हैं।
जयपुर। परिवहन राज्यमंत्री बृजेन्द्र ओला ने शुक्रवार को विधानसभा में आश्वस्त किया कि ई-रिक्शाओं के सुचारू संचालन के लिए आगामी एक माह में और प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस एवं परिवहन विभाग के अधिकारी आपसी सामंजस्य से कार्य करेंगे और शिविरों के माध्यम से स्थायी लाइसेंस जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से सुनिश्चित किया जाएगा कि एक भी ई-रिक्शा बिना लाइसेंस के नहीं चले।
ओला शून्यकाल में विधायक वासुदेव देवनानी के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि अजमेर शहर में ई-रिक्शा के लिए आवेदन पत्र प्राप्त होने पर नियमानुसार पंजीयन और लाइसेंस बनाए जाते हैं। अजमेर शहर में 1672 यात्री ई-रिक्शा एवं 153 भार वाहन ई-कार्ट पंजीकृत हैं। परिवहन विभाग की ओर से ई-रिक्शा के 125 स्थाई लाइसेंस तथा 1357 लर्निंग लाइसेंस जारी किए गए हैं। अजमेर शहर में यातायात नियंत्रण की कार्रवाई यातायात पुलिस करती है। यातायात पुलिस एवं परिवहन विभाग ने ई-रिक्शाओं पर एक जनवरी, 2021 से 28 फरवरी, 2023 के मध्य नियमानुसार कार्रवाई कर 5019 चालान किए गए हैं।
ज्यादा सवारी भरने से पलट जाते हैं
देवनानी ने कहा कि अजमेर एक धार्मिक एवं पर्यटक स्थल है, जहां हजारों देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं। ई-रिक्शा चलाने वालों के पास लाइसेंस नहीं है। इन्हें चलाने वालों में अनाड़ी, नाबालिग, कथित खानाबदोश, नशेड़ी, नौसिखिए शामिल है। क्षमता से ज्यादा सवारी भरकर ले जाते हैं, जिनके कई बार पलटने की घटनाएं हो चुकी हैं। मेरी सरकार से मांग है कि इनके लाइसेंस जारी किए जाए, जिससे आमजन को राहत मिले और कोई पर्यटक घायल नहीं हो।

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