बारिश थमी, मौसमी बीमारियों का खतरा : मलेरिया-डेंगू, स्क्रब टायफस जैसी बीमारियां होने लगी हावी

जयपुर में डेंगू का असर ज्यादा, जिले में 472 केस अब तक पॉजीटिव

बारिश थमी, मौसमी बीमारियों का खतरा : मलेरिया-डेंगू, स्क्रब टायफस जैसी बीमारियां होने लगी हावी

चिकित्सा विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस साल एक जनवरी 2024 से अब तक डेंगू के 2802 पॉजीटिव मरीज मिले चुके हैं।

जयपुर। प्रदेश में इन दिनों मानसून का सीजन है, हालांकि कुछ दिनों से मानसून थम गया है और धूप खिली हुई है। ऐसे में अब मौसम में फिर से गर्मी का असर बढ़ गया है। ऐसे में बारिश के बाद मौसमी बीमारियों आमजन पर हावी हो जाती हैं और डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल बुखार जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा अब बढ़ गया है। बार-बार बदल रहे मौसम के चलते लोग काफी संख्या में मौसमी बीमारी के मरीज भी बढ़ गए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बारिश के बाद डेंगू, मलेरिया के केस तेजी से बढ़ते हैं। 

ग्रामीण इलाकों में स्क्रब टायफस के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। इस बीच जयपुर में डेंगू अपने पैर तेजी से पसार रहा है। जयपुर जिले में इस साल अब तक 472 केस डेंगू के दर्ज हो चुके हैं। जो कि प्रदेश में किसी भी जिले में सबसे ज्यादा हैं। इनमें 236 जयपुर शहर और 236 जयपुर ग्रामीण में दर्ज हुए हैं। वहीं स्क्रब टायफस के जयपुर में 215 केस दर्ज हुए हैं। हालांकि चिकित्सा विभाग ने मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए एंटीलार्वा गतिविधियां शुरू करने का दावा किया है, लेकिन हकीकत में मौसमी बीमारियों पर लगाम नहीं लग पा रही है।

स्वाइन फ्लू के 1085 केस पॉजीटिव मिले, 12 की मौत, जयपुर में सबसे ज्यादा 559 रोगी
स्क्रब टायफस और डेंगू ने बढ़ाई चिंता
चिकित्सा विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस साल एक जनवरी 2024 से अब तक डेंगू के 2802 पॉजीटिव मरीज मिले चुके हैं। डेंगू के बाद प्रदेश में इन दिनों सबसे ज्यादा प्रकोप स्क्रब टायफस का देखने को मिल रहा है। स्क्रब टायफस के अब तक 1366 मरीज मिल चुके हैं। वहीं मलेरिया के 872, चिकनगुनिया के 113 पॉजीटिव मिले हैं। इन बीमारियों से इस साल अब तक कोई मौत चिकित्सा विभाग के आंकड़ों में दर्ज नहीं है। स्वाइन फ्लू के अब तक 1085 पॉजीटिव केस दर्ज हो चुके हैं। इनमें से 12 लोगों की मौत भी हुई है। स्वाइन फ्लू के सबसे ज्यादा केस 528 जयपुर में दर्ज हुए हैं। स्वाइन फ्लू से मौतें सबसे ज्यादा उदयपुर में 4 हुई हैं। वहीं स्क्रब टायफस के सबसे ज्यादा 242 पॉजीटिव उदयपुर में, मलेरिया के 251 केस बाड़मेर में और चिकनगुनिया के सबसे ज्यादा 21 केस उदयपुर में दर्ज हुए हैं। 

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