रेणुका और किसाऊ परियोजनाओं से राजस्थान को मिलेगा अतिरिक्त जल, पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को मजबूती
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश द्वारा संयुक्त रूप से विकसित
हिमाचल प्रदेश में गिरि नदी पर निर्माणाधीन रेणुका परियोजना को यमुना बेसिन की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल। इस परियोजना की कुल भंडारण क्षमता 498 एमसीएम निर्धारित। परियोजना से राजस्थान को लगभग 46.50 एमसीएम जल हिस्सेदारी प्राप्त।
जयपुर। हिमाचल प्रदेश में गिरि नदी पर निर्माणाधीन रेणुका परियोजना को यमुना बेसिन की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल किया गया है। इस परियोजना की कुल भंडारण क्षमता 498 एमसीएम निर्धारित की गई है। परियोजना से राजस्थान को लगभग 46.50 एमसीएम जल हिस्सेदारी प्राप्त होगी। राज्य सरकार की ओर से परियोजना में देय लगभग 108 करोड़ रुपए की वित्तीय हिस्सेदारी का पूरा भुगतान भी किया जा चुका है। वहीं, टोन्स नदी पर प्रस्तावित किसाऊ परियोजना उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की जाएगी।
इस परियोजना की अनुमानित भंडारण क्षमता 1324 एमसीएम रखी गई है। इसमें राजस्थान के लिए लगभग 123.64 एमसीएम जल उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इन दोनों परियोजनाओं के क्रियान्वयन से राजस्थान को नियमित जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी तथा पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही यमुना बेसिन क्षेत्र में जल प्रबंधन और संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

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