कृषि भूमि पर अवैध निर्माण पर सख्ती, रूपान्तरण से पहले नियमों की पालना जरूरी
प्रावधानों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करनी होगी
नगरीय विकास विभाग ने आदेश जारी कर कहा कि कृषि भूमि के रूपांतरण से पहले हुए निर्माण पर मॉडल राजस्थान भवन विनियम-2025 की सख्त पालना जरूरी। एकल पट्टा जारी करने से पूर्व शपथ पत्र, नियमों के अनुरूपता और आवश्यक जुर्माना जमा करवाना अनिवार्य।
जयपुर। राजस्थान सरकार के नगरीय विकास विभाग ने कृषि भूमि के अकृषि उपयोग में रूपान्तरण और एकल पट्टा जारी करने से पहले किए गए निर्माण को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब ऐसे मामलों में मॉडल राजस्थान भवन विनियम-2025 के प्रावधानों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करनी होगी।
जारी आदेश के अनुसार, यदि किसी भूमि पर रूपान्तरण से पूर्व ही भवन निर्माण कर लिया गया है, तो धारा 90 (क) के तहत कार्यवाही करने से पहले भवन विनियम-2025 के विनियम 17.6 की अनुपालना अनिवार्य होगी। यानी बिना स्वीकृति किए गए निर्माण पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही आगे की कार्रवाई होगी। विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि एकल पट्टा जारी करने से पहले यदि निर्माण हो चुका है, तो आवेदक से शपथ पत्र लिया जाएगा। इसमें यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्माण भवन विनियमों के अनुरूप है या नहीं। यदि निर्माण स्वीकृत योग्य है, तो तालिका 24 के अनुसार जुर्माना जमा करवाना होगा और नियमों के विपरीत निर्माण को हटाकर भवन मानचित्र की स्वीकृति लेनी होगी। इसके अलावा, किसी भी भवन मानचित्र की स्वीकृति जारी करने से पहले विनियम 17.6 की पूर्ण पालना सुनिश्चित करना अनिवार्य कर दिया गया है।

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