मानव शरीर 70 प्रतिशत पानी से बना है, पानी नहीं होगा तो प्यासे और भूखे मर जाएंगे : दिलावर

तालाबों पर अतिक्रमण कर मकान बना लिए

मानव शरीर 70 प्रतिशत पानी से बना है, पानी नहीं होगा तो प्यासे और भूखे मर जाएंगे : दिलावर

राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने शुक्रवार को जयपुर जिले के जोबनेर के जोरपुरा गांव में तालाब जलाशय संरक्षण महाअभियान का शुभारंभ किया

जयपुर। राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने शुक्रवार को जयपुर जिले के जोबनेर के जोरपुरा गांव में तालाब जलाशय संरक्षण महाअभियान का शुभारंभ किया। दिलावर ने जोबनेर बाईपास पर स्थित जोरपूरा में जल पुनर्भरण एवं संवर्धन परियोजना कोरिया नाडा तालाब, माच्छरखानी के जोरपूरा जोहड़ परियोजना का शिलान्यास किया। काम पूरा होने के बाद इस तलाब की भराव क्षमता 46 लाख 22 हजार 310 लीटर होगी। इस अवसर पर दिलावर ने तालाब निर्माण कार्य का जल पूजन एवं नंदी पूजन कर शुभारंभ किया तथा पांच नीम, पीपल और बरगद के पौधे भी लगाए। इस अवसर पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए दिलावर ने कहा कि मानव शरीर 70 प्रतिशत पानी से बना है। यानी अगर पानी नहीं होगा तो हम प्यासे और भूखे मर जाएंगे। इसलिए पानी का संरक्षण बहुत जरूरी है। हमारे पुरखे बहुत विद्वान थे। उन्होंने तालाब, कुएं, बावड़यिों बनवाई। 

उन्होंने कहा कि भूमि का जल स्तर भी बढ़ता था। हमारे पूर्वज पानी को जल देवता कहते थे लेकिन आज हम पानी की अहमियत नहीं समझ रहे। तालाबों पर अतिक्रमण कर मकान बना लिए। तालाबों को गंदगी डालने का स्थान बना दिया गया है। अभी भी समय है, जागो। तालाबों, कुएं, बावड़यिों को बचाओ। पशु, पक्षियों को भी पानी मिलेगा। इसलिए जलाशयों का संरक्षण करना वर्तमान समय की आवश्यकता है। पानी आवक के रास्ते खोलने पड़ेंगे और जलाशयों से अतिक्रमण हटाने होंगे। वरना गंभीर जल संकट उत्पन्न हो जाएगा। 

दिलावर ने जल प्रदूषण पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि अब भूमि जल भी दूषित होने लगा है। पुराने लोग कहा करते थे कि बहता पानी साफ होता है और रुका हुआ पानी खराब होता है। इसलिए नदी का पानी स्वच्छ होता है। उसे गंदा एवं प्रदूषित नहीं करे। नदी, तालाबों की हमारे पूर्वजों ने पूजा की,उन्हें भगवान माना ताकि उनके अस्तित्व पर किसी प्रकार का संकट नहीं आए और हम उनका संरक्षण करे। आज फिर से इन जलस्रोतों को पूजने और इनको पवित्र बनाए रखने की आवश्यकता है ताकि जीवनदाई स्वच्छ जल हमको और हमारी पीढिय़ों को मिलता रहे। 
उन्होंने लोगो से अपील की कि जलाशय बचाना है अधिक से अधिक पेड़ लगाना है। पॉलिथीन का उपयोग नहीं करना है और तालाब, नदियों और अन्य जलस्रोतों का संरक्षण करना है। कार्यक्रम में कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर के कुलपति प्रोफेसर बलराज सिंह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक कैलाश, जयपुर की जिला प्रमुख रमा देवी चोपड़ा, जोरपुरा गांव की सरपंच गोरा देवी कुमावत भी मौजूद थे। 

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