कफ सीरप से मौतों का मामला सदन में गूंजा : विपक्ष ने लगाए आरोप, हरिमोहन शर्मा ने निःशुल्क दवा वितरण योजना में खर्च को लेकर किया प्रश्न
गरीबों को दवाइयां नहीं मिल रही है
खींवसर ने जवाब दिया कि प्रश्न के दायरे में ही नहीं है, हरिमोहन शर्मा ने कहा कि रिलेवेन्ट ही है सवाल,गरीबों को दवाइयां नहीं मिल रही है।
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को कफ सीरप से मौतों का मामला गूंजा। विपक्ष के आरोपों पर सरकार ने जबाव देकर आरोपों का खंडन किया। प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा वितरण योजना में खर्च का को लेकर विधायक हरिमोहन शर्मा ने प्रश्न उठाया। शर्मा ने 2024 और 2025 में आउटडोर में मरीजों की संख्या पूछी। मंत्री गजेंद्र खींवसर ने कहा कि मैं संख्या का जवाब जल्द दूंगा। हरिमोहन शर्मा ने कहा कि जब मरीज बढ़े तो खर्च कम कैसे हुआ। आरजीएचएस के तहत जो दवा दी जाती है उनमें किन फर्मों का कितना पैसा बकाया है। पात्र लोगों को दवा क्यों नहीं मिल रही है। खींवसर ने जवाब दिया और कहा कि डाउन फॉल नहीं हुआ है, दवाओं का खर्च बढ़ा है कम नहीं हुआ है। हरिमोहन शर्मा ने पूछा कि कफ सीरप में क्या जांच करवाई किन्हें दोषी पाया। मंत्री खींवसर ने जवाब दिया कि प्रश्न के दायरे में ही नहीं है, हरिमोहन शर्मा ने कहा कि रिलेवेन्ट ही है सवाल, गरीबों को दवाइयां नहीं मिल रही है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी पूरक प्रश्न पूछते हुए कहा कि कफ सिरप में क्या कार्यवाही हुई। मंत्री ने कहा कि राजस्थान में 2-4-5 ही डेथ हुई है। जिनमे मेन कारण है कि माता-पिता को जो दवा दी, वहीं उन्होंने अपने बच्चों को दे दी, इसलिये ओवरडोज की वजह से मौत हुई। दवा की वजह से कोई मौत नहीं हुई है। कांग्रेस सरकार में भी यही दवा दी जाती थी। टीकाराम जूली ने कहा कि वहीं बैच मध्य प्रदेश में था वही यहां पर था। खींवसर ने कहा कि बिना हमारे प्रिस्क्रिप्शन के दवा नहीं दी, ऐसे में हमारे डॉक्टर दोषी नहीं है। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि एक भी डेथ नहीं होनी चाहिए। एक भी डेथ होना हमारे लिए पीड़ादायक है, कारणों की जांच करवाएंगे।

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