ये जयपुर है : दिन में मकर संक्रांति रात में दीवाली मनाता है, छतों पर नजर आया शहर
घर के वरिष्ठ सदस्य पतंग को थामते नजर आए
डीजे की तेज धून और रंग-बिरंगी पतंगों से पूरा शहर अटा नजर आया। पंतगबाजी में छोटे बच्चों से लेकर वृद्ध लोग भी पतंग उड़ाने का लुत्फ लेते रहे।
जयपुर। मकर संक्रांति का पर्व बुधवार को श्रद्धा, उल्लास और परम्परागत रूप से मनाया गया। सुबह से ही शहर छतों पर नजर आया और दिनभर ‘वो काटा, वो मारा’ की अनुगूंज से परकोटा ही नहीं, बल्कि शहर के बाहरी इलाके भी गूंजते रहे। डीजे की तेज धून और रंग-बिरंगी पतंगों से पूरा शहर अटा नजर आया। पंतगबाजी में छोटे बच्चों से लेकर वृद्ध लोग भी पतंग उड़ाने का लुत्फ लेते रहे।
शाम ढलते ही परकोटे में तेज आतिशबाजी होने लगी, आसमान सितारों से रोशन हो गया। शाम करीब छह बजे शुरू आतिशबाजी देर शाम तक चलती रही। युवतियों ने घर का काम-काज निपटाकर पतंगों से दो-दो हाथ किए। छोटे बच्चों को परिवार के बड़े सदस्यों ने तान चखाई, अर्थात कुछ देर के लिए उनको भी पतंग उड़ाने के लिए दी गई, लेकिन जैसे छोटे बच्चों से पंतग का संतुलन बिगड़ा, तो घर के वरिष्ठ सदस्य पतंग को थामते नजर आए।

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