भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के फोटो लगी बुकलेट पर हंगामा : वैल में आया विपक्ष, आधे घंटे तक गतिरोध; देवनानी ने दी व्यवस्था
सरकार से जवाब देने की मांग की
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की फोटो वाली बुकलेट पर राजस्थान विधानसभा में हंगामा। विपक्ष ने इसे सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का मामला बताते हुए जवाब मांगा और वेल में पहुंचकर नारेबाजी की। देवनानी ने नियमों का हवाला देते हुए नोटिस के बाद जवाब कराने की व्यवस्था दी। गतिरोध के बाद कार्यवाही सुचारु हुई।
जयपुर। विधानसभा में मंगलवार को राजस्व विभाग की एक बुकलेट पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की फोटो लगी होने के आरोप लगाते हुए विपक्ष ने हंगामा कर दिया। इस पर सरकार से जवाब देने की मांग की। लेकिन अनुदान मांगों पर मंत्री के जवाब के चलते विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मामले में नोटिस देकर बहस करने और सरकार से जवाब मांगने की व्यवस्था दी। इस पर सदन में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। वेल में आकर नारेबाजी की। आधे घंटे के हंगामे के बाद देवनानी ने आसन से व्यवस्था दी कि बुकलेट को लेकर बुधवार को प्रतिपक्ष नोटिस देगा और वे सरकार से मामले में जवाब दिलवाएंगे।
दरअसल विधानसभा में मंगलवार रात खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अनुदान मांगों पर जैसे ही मंत्री सुमित गोदारा बोलने खड़े हुए, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि मंगलवार को सदन में राजस्व विभाग की ओर से एक बुकलेट बंटवाई गई है। इसमें भाजपा के राष्टÑीय अध्यक्ष की फोटो लगी है। ये गलत है और इस पर सरकार से जवाब दिलवाया जाए। इस पर देवनानी ने नियमानुसार नोटिस देकर मामला उठाने के निर्देश विपक्ष को दिए तो विपक्ष ने हंगामा कर दिया। इसके बाद भी देवनानी जवाब की व्यवस्था नहीं देने पर अड़े रहे तो विपक्ष ने वेल में आकर नारेबाजी की।
संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि सरकार की ओर से कोई बुकलेट नहीं बंटवाई गई है। यह बुकलेट किसने, किसके खर्चे पर बांटी, इसकी जानकारी नहीं है। जूली ने कहा कि बुकलेट सभी को सदन में दी गई है। सत्ता पक्ष की ओर से टेबल भी की गई है। इस पर देवनानी ने कहा कि कोई बुकलेट यहां टेबल नहीं हुई है और न ही मैंने इसकी इजाजत दी है। गतिरोध के बीच खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने अनुदान मांगों पर अपना आधा जवाब रखा। बाद में देवनानी ने विपक्ष को बुधवार सुबह 10.30 बजे मामले में नोटिस देने और सरकार से जवाब दिलाने का भरोसा दिलाया, इसके बाद विपक्ष शांत हुआ और अनुदान मांगों पर मंत्री जवाब दे सके।

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