जल जीवन मिशन : ग्रामीण घरों में सुनिश्चित होगी प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पेयजल आपूर्ति, संसाधनों का किया प्रावधान
दिशा-निर्देशों में पशुओं के लिए पानी की मांग का पृथक प्रावधान नहीं है

योजनाओं की स्वीकृति भू-जल और सतही स्रोत में जल की उपलब्धता और तकनीकी उपादेयता के आधार पर दी जाती है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को न केवल स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है।
जयपुर। प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं। इस योजना के अंतर्गत भू-जल आधारित और सतही स्रोत आधारित परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इन योजनाओं में नलकूप, खुले कुएं, नहर आउटलेट, इंटेक वेल, फिल्टर प्लांट, पंप गृह, उच्च जलाशय, स्वच्छ जलाशय, डिग्गी, और पाइपलाइन जैसे संसाधनों का प्रावधान किया गया है।
राष्ट्रीय जल जीवन मिशन, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, ग्रामीण घरों में पेयजल आपूर्ति की गणना 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के मानक पर की जाती है। इन दिशा-निर्देशों में पशुओं के लिए पानी की मांग का पृथक प्रावधान नहीं है।
योजनाओं की स्वीकृति भू-जल और सतही स्रोत में जल की उपलब्धता और तकनीकी उपादेयता के आधार पर दी जाती है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को न केवल स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है, बल्कि जलजनित रोगों की रोकथाम और जीवन स्तर में सुधार सुनिश्चित करना भी है। सरकार ने ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए फिल्टर प्लांट और पंपिंग स्टेशनों की स्थापना को भी प्राथमिकता दी है। पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है ताकि हर घर तक पानी पहुंचे। यह मिशन ग्रामीण समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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