सोशल मीडिया पर पत्नी द्वारा अन्य पुरुष के साथ फोटो पोस्ट करना पति के साथ मानसिक क्रूरता, तलाक मंजूर
पत्नी का व्यवहार वैवाहिक मर्यादा के अनुरूप नहीं
फैमिली कोर्ट क्रम-1 ने अपने एक आदेश में कहा कि पत्नी का किसी अन्य पुरुष के साथ आपत्तिजनक फोटो खिंचाकर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करना पति के साथ मानसिक कू्ररता। अदालत ने इस मामले में 11 साल पुराने विवाह को संबंध विच्छेद करते हुए पति के पक्ष में तलाक की अर्जी को मंजूर।
जयपुर। फैमिली कोर्ट क्रम-1 ने अपने एक आदेश में कहा कि पत्नी का किसी अन्य पुरुष के साथ आपत्तिजनक फोटो खिंचाकर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करना पति के साथ मानसिक कू्ररता है। इसके साथ ही अदालत ने इस मामले में 11 साल पुराने विवाह को संबंध विच्छेद करते हुए पति के पक्ष में तलाक की अर्जी को मंजूर किया है। पीठासीन अधिकारी आरती भारद्वाज ने फैसले में कहा कि पत्नी का पुरुष के साथ, चाहे वह उसका रिश्तेदार या मित्र हो और उसके संबंध यादा आत्मीय हो तो ऐसे संबंधों को सोशल मीडिया पर दर्शाना गलत है। यह न केवल वैवाहिक संबंधों के लिए घातक है, बल्कि कू्ररता की श्रेणी में भी माना जाएगा। इसे वैवाहिक संबंधों के अपमान की श्रेणी में भी रखा जा सकता है। मामले से जुडे अधिवक्ता ने बताया कि प्रार्थी पति ने पत्नी से तलाक लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दायर की थी। उसकी व अप्रार्थिया की शादी नवंबर, 2015 में हुई थी, लेकिन पत्नी का व्यवहार वैवाहिक मर्यादा के अनुरूप नहीं था।
पति का आरोप था कि पत्नी ने न केवल वैवाहिक जिम्मेदारियों की अनदेखी की, बल्कि उसके आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंचाई है। वह प्रार्थी पर परिवार से अलग होने का दबाव बना रही है और पिछले नौ साल से बिना किसी कारण उससे अलग रह रही है। ऐसे में उसकी तलाक की अर्जी मंजूर की जाए। कोर्ट ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर माना कि पत्नी का व्यवहार मानसिक कू्ररता की श्रेणी में है। उसने पति सहित अन्य ससुराल वालों के खिलाफ दहेज प्रताडना सहित अन्य आरोप लगाए, लेकिन वे पुलिस जांच में प्रमाणित नहीं हो सके। ऐसे में पति की तलाक की अर्जी मंजूर करना उचित होगा।

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