यमुना जल परियोजना : हरियाणा ने पाइपलाइन एलाइनमेंट को दी लिखित सहमति, 265 किलोमीटर लंबी तीन समानांतर बिछेगी पाइपलाइन
पेयजल समस्या को काफी हद तक कम करने की उम्मीद
यमुना जल परियोजना को लेकर राजस्थान को प्रशासनिक और तकनीकी सफलता मिली। हरियाणा सरकार ने हथिनी कुंड बैराज से हासियावास तक प्रस्तावित पाइपलाइन एलाइनमेंट पर लिखित सहमति दे दी है, जिससे लंबे समय से लंबित परियोजना के क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया।
जयपुर। यमुना जल परियोजना को लेकर राजस्थान को प्रशासनिक और तकनीकी सफलता मिली है। हरियाणा सरकार ने हथिनी कुंड बैराज से हासियावास तक प्रस्तावित पाइपलाइन एलाइनमेंट पर लिखित सहमति दे दी है, जिससे लंबे समय से लंबित परियोजना के क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया है। अब इस योजना के तहत 265 किलोमीटर लंबी तीन समानांतर पाइपलाइन बिछाई जाएंगी। परियोजना के माध्यम से यमुनानगर से पानी लाकर चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों को कुल 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। इससे शेखावाटी क्षेत्र में वर्षों से बनी पेयजल समस्या को काफी हद तक कम करने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस परियोजना पर हाल ही में केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया था। इसके बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बीच सहमति बनी। हरियाणा की ओर से पाइपलाइन मार्ग के बीच पड़ने वाली पेयजल योजनाओं के लिए पानी की मांग भी रखी गई है, जिसे DPR में शामिल किया जाएगा। अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। गौरतलब है कि यमुना नदी जल बंटवारे का समझौता वर्ष 1994 से लंबित था। फरवरी 2024 में दोनों राज्यों के बीच नया एमओयू हुआ था। पहले बैराज और नहर निर्माण को लेकर मतभेद बने हुए थे, लेकिन अब हथिनी कुंड बैराज से पाइपलाइन आधारित व्यवस्था पर सहमति बनने से 32 साल पुराने समझौते को लागू करने की दिशा में प्रगति मानी जा रही है।

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