श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर में भव्य किसान मेले का 27-28 फरवरी को होगा आगाज, मेले की तैयारियां तेज
नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा
श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय में 27-28 फरवरी को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से “रंगीलो 2026” राष्ट्रीय किसान मेला आयोजित होगा। लगभग 20 हजार किसानों की भागीदारी संभावित है। मेले में पशु प्रदर्शनी, दुग्ध प्रतियोगिता, तकनीकी नवाचार और किसान-वैज्ञानिक संवाद होंगे।
जयपुर। श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर द्वारा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (डेयरी सर्विसेज़) के सहयोग से 27–28 फरवरी को आयोजित होने जा रहे राष्ट्रीय किसान मेले “रंगीलो 2026: किसानों के संग, ग्रामीण समृद्धि के रंग” को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस भव्य आयोजन में लगभग 20,000 किसानों की सहभागिता की संभावना व्यक्त की जा रही है।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि यह राष्ट्रीय किसान मेला व्यापक स्तर पर आयोजित करने का प्रयास किया जा रहा है इसमें राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से किसान, पशुपालक, कृषि उद्यमी एवं वैज्ञानिक भाग लेंगे। साथ ही मेले में कृषि, पशुपालन एवं बागवानी क्षेत्रों का समग्र समावेश किया जाएगा। उन्होंने बताया कि “रंगीलो 2026” ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने, उन्नत कृषि एवं पशुपालन तकनीकों के प्रसार तथा किसानों को विपणन के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
डॉ. मीनेश शाह, अध्यक्ष, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) एवं NDS ने कहा कि राजस्थान का डेयरी क्षेत्र ग्रामीण समृद्धि के एक सशक्त इंजन के रूप में उभर रहा है, जो देश के कुल दूध उत्पादन में लगभग 16 प्रतिशत का योगदान देता है। ऐसे आयोजन डेयरी इकोसिस्टम को प्रदर्शित करने तथा उसे और अधिक सुदृढ़ बनाने का प्रभावी मंच प्रदान करते हैं।
निदेशक प्रसार व मेला आयोजक सचिव डॉ. आर. एन. शर्मा के अनुसार, विशाल पशु मेला, दुग्ध दुहन प्रतियोगिताएँ, नवाचार एवं तकनीकी प्रदर्शनी, किसान–वैज्ञानिक संवाद, सांस्कृतिक संध्या तथा पारंपरिक व्यंजनों का उत्सव जैसी गतिविधियाँ आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेंगी। उत्कृष्ट नस्लों के पशुओं का प्रदर्शन एवं आधुनिक कृषि–पशुपालन तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन मेले की विशिष्ट पहचान होगा।
दो दिवसीय भव्य किसान मेले में स्वदेशी एवं विदेशी नस्ल के पशुओं की प्रदर्शनी, दुग्ध उत्पादन आधारित प्रतियोगिताएं तथा आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रतियोगिता में गिर, साहिवाल, थारपारकर, राठी, मुर्रा, होल्सटीन फ्रिज़ियन (एचएफ), जर्सी एवं क्रॉसब्रीड गायों को शामिल किया गया है, जिनके लिए न्यूनतम दैनिक दूध उत्पादन के आधार पर प्रथम पुरस्कार 2.51 लाख रुपए, द्वितीय 1.51 लाख रुपए तथा तृतीय 1.11 लाख रुपए निर्धारित है। इसके साथ ही ऊँट, भेड़, बकरी एवं अन्य पशुओं की विशेष प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।

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