एनएसयूआई का कड़ा विरोध : आरयू कैम्पस बना अभेद्य दुर्ग, चप्पे-चप्पे पर पुलिस
राजस्थान यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र नेताओं को पुलिस घसीटती हुए ले गई
एनएसयूआई के आरयू में आरएसएस के अखिल भारतीय सम्पर्क प्रमुख रामलाल की 'प्रमुख जन गोष्ठी' का धरना देने पर पुलिस ने आरयू कैम्पस को अभेद्य दुर्ग में तब्दील। चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा और कैम्पस में सख्ती से प्रवेश दिया।
जयपुर। एनएसयूआई के आरयू में आरएसएस के अखिल भारतीय सम्पर्क प्रमुख रामलाल की 'प्रमुख जन गोष्ठी' का धरना देने पर पुलिस ने आरयू कैम्पस को अभेद्य दुर्ग में तब्दील कर दिया। चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा और कैम्पस में सख्ती से प्रवेश दिया। दोपहर के समय हॉस्टल से बाहर गए छात्र-छात्राओं को वापस लौटने पर मिन्नतें करने के बाद कैम्पस में प्रवेश दिया। एनएसयूआई कार्यकर्ता दोपहर एक बजे से मुख्य द्वार एकत्रित होने लगे, लेकिन जैसे ही मुख्य द्वार पर नारेबाजी करते हुए बैरिकेड्स पर चढ़ने की कोशिश की तो उनको कैम्पस में नहीं घुसने दिया। बाद में पुलिस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं में हल्की झड़प हुई। छात्र नेता डॉ.रामसिंह सामोता ने बताया कि विश्वविद्यालय को साम्प्रदायिकता की प्रयोगशाला बनाया जा रहा है। पुलिस ने छात्र नेता मोहित यादव, महेश चौधरी, महावीर गुर्जर, हुसैन सुल्तानिया, मेघराज गुर्जर, मनीष मेघवंशी, वियोना जाट को पकड़कर शहर का चक्कर लगवाती रही। बाद में बस्सी थाने ले जाकर छोड़ दिया।
नारी परंपरागत रूप से सशक्त-रामलाल
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल ने कहा कि भारत में नारी परंपरागत रूप से सशक्त है। समाज को उनके मार्ग के अवरोध हटाने का कार्य करना चाहिए। उन्होंने शुक्रवार को मातृशक्ति के लिए आयोजित 'प्रमुख जन गोष्ठी' को संबोधित करते हुए कहा कि ईश्वर ने नारी को पुरुष की तुलना में अधिक गुण देकर भेजा है। जिस काम को नारी संभालती हैं, वह उसे गंभीरता, चिंता और समर्पण के साथ पूरा करती हैं। मुख्य अतिथि कोटा कृषि विश्वविद्यालय की कुलगुरु डॉ. विमला डूंकवाल ने भी सम्बोधित किया।
महिला सशक्तीकरण को राजनीतिक स्वार्थ की भेंट चढ़ाना दुर्भाग्यपूर्ण: मदन राठौड़
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस के पास अब कोई कार्य नहीं बचा, इसलिए अनुमति लेकर किए गए मनसा के कार्यक्रम का विरोध कर रहे है। महिला सशक्तिकरण जैसे गंभीर विषय को भी राजनीतिक स्वार्थ की भेंट चढ़ाना दुर्भाग्यपूर्ण है। महिलाएं अनुमति लेकर कार्य नहीं करेगी क्या! जब वे एक कॉलेज में मणिशंकर अय्यर को लेकर कार्यक्रम करते है तो उनकी पीठ थपथपाई जाती है, वहीं महिलाएं कार्यक्रम करें तो विरोध, कांग्रेस का यह दोहरा चरित्र सही नहीं है। क्या महिलाओं के एक सकारात्मक सामाजिक कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जोड़कर फर्जी पोस्टर फैलाना और उसके आधार पर विरोध करना, एनएसयूआई नेताओं की नई राजनीति बन गई है।
आरयू में राजस्थानी भाषा खोलने को
लेकर छात्रों का आन्दोलन तेज
राजस्थान विश्वविद्यालय में राजस्थानी भाषा एवं संस्कृति के स्वतंत्र विभाग की स्थापना की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। कुलगुरु सचिवालय के बाहर दो विद्यार्थी लोकेन्द्र सिंह और पूजा शेखावत पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनका कहना है कि राजस्थानी भाषा राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन विश्वविद्यालय में अब तक इसका स्वतंत्र विभाग स्थापित नहीं किया गया है। वे मांग कर रहे हैं कि अन्य भाषाओं की तरह राजस्थानी भाषा के लिए भी नियमित पाठ्यक्रम शुरू किए जाएं। विद्यार्थियों का कहना है अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे छात्रों में असंतोष बढ़ रहा है।

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