राजस्थान में पंचायत शिक्षकों का बड़ा आंदोलन, 23 हजार कर्मचारियों ने नियमितीकरण और दो साल की अनुभव छूट के आदेश की मांग उठाई
नियमितीकरण और अनुभव छूट की उठाई मांग
जोधपुर। राजस्थान में पंचायत शिक्षक एवं विद्यालय सहायकों के नियमितीकरण और बजट 2026-27 में घोषित दो वर्ष की अनुभव छूट को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। राजस्थान पंचायत शिक्षक-विद्यालय सहायक संघ के नेतृत्व में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी मुलाकात कर जल्द आदेश जारी करवाने की मांग रखी। संघ के प्रदेश अध्यक्ष तरुण चितारा ने बताया कि प्रदेशभर के हजारों पंचायत शिक्षक और विद्यालय सहायक वर्षों से नियमितीकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सरकार ने बजट में दो वर्ष की अनुभव छूट की घोषणा तो की, लेकिन अब तक आदेश जारी नहीं होने से कर्मचारियों में असमंजस बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि नियम-20 के तहत नियमितीकरण प्रक्रिया तत्काल शुरू की जानी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने सर्किट हाउस में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात कर अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं। इस दौरान गहलोत ने कर्मचारियों की बात गंभीरता से सुनी और भरोसा दिलाया कि वे इस मुद्दे को सरकार के समक्ष उठाकर समाधान का प्रयास करेंगे। कर्मचारियों के अनुसार उन्होंने मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा के स्तर पर भी दो वर्ष की अनुभव छूट के आदेश समय रहते जारी करने की आवश्यकता बताई। संघ का कहना है कि प्रदेश के करीब 23 हजार से अधिक पंचायत शिक्षक एवं विद्यालय सहायक नियमितीकरण की राह देख रहे हैं। यदि पूर्व अनुभव को नहीं जोड़ा गया तो बड़ी संख्या में कर्मचारी पात्रता से वंचित हो सकते हैं और भविष्य में कानूनी विवाद भी खड़े हो सकते हैं। संघ ने मांग की है कि आईएएस पैटर्न की तर्ज पर पूर्व अनुभव को मान्यता देते हुए दो वर्ष की अनुभव छूट के आदेश शीघ्र जारी किए जाएं।

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