तप धर्म वधामणा उत्सव का शुभारंभ, 8 अप्रैल को निकलेगा भव्य वरघोड़ा
नव्वाणु प्रकारी पूजा तथा सायंकाल संध्या भक्ति का आयोजन
शहर में जैन समाज का प्रमुख धार्मिक आयोजन तप धर्म वधामणा उत्सव से क्रिया भवन में श्रद्धा और भक्ति के साथ शुरू। उत्सव का शुभारंभ नव्वाणु प्रकारी पूजा के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लेकर तप, संयम और साधना का पुण्य लाभ।
जोधपुर। शहर में जैन समाज का प्रमुख धार्मिक आयोजन तप धर्म वधामणा उत्सव मंगलवार से क्रिया भवन में श्रद्धा और भक्ति के साथ शुरू हुआ। उत्सव का शुभारंभ नव्वाणु प्रकारी पूजा के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लेकर तप, संयम और साधना का पुण्य लाभ लिया। यह आयोजन साध्वी क्षीणमोहाश्री की 64वीं एवं साध्वी अध्यात्मश्री की 99वीं वर्धमान ओली पूर्णाहुति के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। साथ ही उपधान तप आराधक पीयूष प्रेम सागर विनायकिया की प्रथम उपधान तप पूर्णाहुति भी इस अवसर पर सम्पन्न हो रही है। संघ के दीपक जैन एवं महावीर विनायकिया ने बताया कि लुबाजी परिवार एवं विनायकिया परिवार के तत्वावधान में आयोजित इस उत्सव में आचार्य तपोरत्नसूरी म.सा. के शिष्यरत्न गणिवर्य मुनि विश्वरत्नविजय, ऋषिमरत्नविजय एवं साधु-साध्वीवृंद के सानिध्य में विविध धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं।
प्रातःकाल पाली मंडल द्वारा नव्वाणु प्रकारी पूजा तथा सायंकाल संध्या भक्ति का आयोजन किया गया। उपधान तप के अंतर्गत आराधक द्वारा 47 दिनों तक कठोर संयम का पालन करते हुए एक दिन उपवास एवं एक दिन आयम्बिल की तप साधना की गई, जो जैन परंपरा में अत्यंत कठिन और अनुशासित साधना मानी जाती है। उत्सव के तहत 8 अप्रैल को प्रातः 9 बजे रावतों का वास स्थित विनायकिया भवन से ओली आराधक साध्वीवृंद एवं उपधान तप आराधक पीयूष विनायकिया का भव्य वरघोड़ा निकाला जाएगा। यह वरघोड़ा शहर के भीतरी क्षेत्र से होते हुए क्रिया भवन पहुंचेगा, जहां अक्षत एवं गहूंली से तप धर्म वधामणा कर स्वागत किया जाएगा।

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