ट्रंप की चेतावनी के मद्देनजर इजरायल की ईरानी जनता को चेतावनी : ट्रेनों से न करें यात्रा, रेलवे लाइनों से दूर रहने का आग्रह
हमलों के बाद मिलने वाली आजादी से ईरानी लोगों को अंतत: लाभ हो सकता है
पश्चिमी एशिया में तनाव चरम पर है। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खुलने पर भारी हमले होंगे। अमेरिका ने बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की योजना बताई। इजरायल ने भी अलर्ट जारी किया। संयुक्त राष्ट्र ने नागरिक हताहतों पर चिंता जताई, जबकि ईरान ने कड़ा जवाब देने की बात कही।
वाशिंगटन। पश्चिमी एशिया में चल रहे संघर्ष पर वैश्विक समुदाय बारीकी से नजर बनाए हुए है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को दी गई धमकी की समय सीमा मंगलवार रात आठ बजे समाप्त होने वाली है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को धमकी दी है कि यदि रात आठ बजे तक होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला जाता है, तो ईरान को भारी बमबारी और भीषण हमलों का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने धमकी दी है कि यदि ईरान समय सीमा से पहले समुद्री परिवहन के लिए होर्मुज नहीं खोलता है, या कोई स्वीकार्य समझौता नहीं करता है, तो वह एक ही रात में उसे खत्म कर देंगे। व्हाइट हाउस के एक संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने कहा कि उनका मानना है कि ईरान के समझदार नेता नेक नियति के साथ बातचीत कर रहे हैं, हालांकि परिणाम अभी भी अनिश्चित है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास एक ऐसी योजना है, जिसके तहत ईरान के हर पुल और बिजली संयंत्र (पावर प्लांट) को मंगलवार आधी रात तक नष्ट किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इन हमलों के बाद मिलने वाली आजादी से ईरानी लोगों को अंतत: लाभ हो सकता है। इस बीच, इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने सोशल मीडिया पर फारसी भाषा में एक चेतावनी जारी की है, जिसमें ईरान के लोगों को आज ट्रेन से यात्रा न करने की सलाह दी गई है। सेना के सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की गई एक पोस्ट में ईरानी लोगों से अपनी सुरक्षा के खातिर पूरे देश में ईरानी समय के अनुसार रात 21:00 बजे तक ट्रेन का उपयोग करने और उससे यात्रा करने से बचने का आग्रह किया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि ट्रेनों में और रेलवे लाइनों के पास मौजूदगी आपके जीवन को खतरे में डाल सकती है।
इजरायली सेना ने तेहरान में शासन से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने और हिजबुल्लाह के सदस्यों को मारने की भी सूचना दी है। इसके अलावा, सेना ने कहा कि उसने ईरान द्वारा इजरायल की ओर दागी गई मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया है। ट्रंप ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान युद्ध अपराधों से जुड़े सवालों को नजरअंदाज कर दिया और बिना किसी सबूत के दावा किया कि ईरानी जनता चाहती है कि अमेरिका बमबारी जारी रखे। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि ईरान में हवाई हमलों के कारण पहले ही बड़ी संख्या में आम नागरिक हताहत हुए हैं और घरों, स्कूलों तथा स्वास्थ्य केंद्रों को भारी नुकसान पहुंचा है। ईरान ने सार्वजनिक रूप से इन धमकियों को खारिज कर दिया है।
ईरान के सशस्त्र बलों के एकीकृत कमान के प्रवक्ता इब्राहिम जोलफाकरी ने ट्रंप की धमकियों को निराधार और भ्रामक बताया है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी हमले का जवाब और भी शक्तिशाली और बड़े स्तर पर जवाबी कार्रवाई से दिया जाएगा। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने इस चुनौती का डटकर सामना करने की बात कही है और कहा है कि ईरानी सेना कमांडरों की हत्याओं से नहीं डरेगी। ईरानी अधिकारियों ने नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं से अपील की है कि वे प्रमुख बिजली संयंत्रों पर मानव श्रृंखला बनाएं, जो प्रतिरोध और नागरिक एकजुटता का संकेत है।

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