200 रुपये के लिए दोस्त बना कातिल, 15 साल के लड़के ने 10 वर्षीय मासूम की हत्या की
पत्थर से कुचल जंगल में फेंका शव
कोटा। रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र में 24 घंटे पूर्व घर से निकले दस वर्षीय बालक की दो सौ रुपए के लिए एक अन्य नाबालिग बच्चे ने पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी और शव रेलवे वर्क शॉप के सामने जंगल में फेंक दिया गया। पुलिस ने मंगलवार देर रात को शव का धड़ और गर्दन को अलग-अलग 50 फीट दूर से बरामद किया है। मृतक की पहचान मयंक (10) पुत्र अमर सिंह निवासी सोगरिया के रूप में हुई है। हत्या की सूचना मिलते ही कोटा सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम समेत पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे, एमओ तथा एफएसएल टीम ने साक्ष्य उठाए।
घटना स्थल और आस पास के क्षेत्र को देखने से लग रहा है कि बालक की हत्या कर शव को जंगल में फेंका गया है। शव को जानवरों ने भी नोंच दिया है। पुलिस ने बालक को डिटेन कर लिया है। पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि मयंक की स्कूल की छुट्टियां चल रही हैं, इसलिए घर पर सोगरिया में ही रहता था। वह सोमवार को घर से डेढ़ बजे निकला था। इसके बाद रात 12 बजे तक घर नहीं पहुंचा था। इस पर परिजन उसे अपने स्तर पर तलाश कर रहे थे। बाद में 12 साढे 12 बजे बालक के पिता अमर सिंह मीणा ने बालक के लापता होने की रिपोर्ट दी थी।
मयंक ने दो सौ रुपए लिए थे आरोपी से उधार
एसपी ने बताया कि बालक के घर से निकलने से लेकर थाना क्षेत्र में जहां जहां कैमरे लगे थे उन स्थानों को चेक किया गया। इस दौरान करीब डेढ़ सौ कैमरों को चेक किया गया तो एक कैमरे में पड़ोस में रहने वाले बालक के साथ जाता दिखाई दिया। आरोपी को डिटेन किया है। पूछताछ में उसने बताया कि मयंक ने उससे कुछ दिनों पहले दो सौ रुपए उधार लिए थे। वह उससे अपने रुपए मांग रहा था, लेकिन दे नहीं रहा था। इसी बात पर कहासुनी हुई और फिर उसने पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी और शव जंगल में पटक दिया।

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