दादाबाड़ी नाले पर बनाया 32 मीटर चौड़ा सीसी बेस

10 मीटर रह गई नाले की चौड़ाइ

दादाबाड़ी नाले पर बनाया 32 मीटर चौड़ा सीसी बेस

अन्य नालों पर भी इसी तरह का प्रयोग करने की योजना।

कोटा। नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से दादाबाड़ी में ज्योति मंदिर के सामने वाले नाले पर करीब 32 मीटर चौड़ा सीसी बेस बनाया गया है। जिससे नाले की चौड़ाई मात्र 10 मीटर रह गई है। निगम की ओर से इसी तरह का प्रयोग क्षेत्र के अन्य बड़े नालों पर किए जाने की योजना है।  शहर में कई बड़े बरसाती नाले हैं। जिनमें सालभर कई तरह का कचरा  व मलबा डाला जाता है। जिससे उन नालों के जाम होने से बरसात के समय उन्हें साफ करवाने पर नगर निगम को लाखों रुपए खर्च करने पड़ते है। उसे देखते हुए नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से क्षेत्र के बड़े व चौड़े नालों पर सीसी बेस व नाली निर्माण करने का काम किया जा रहा है। जिससे उन नालों में कचरा नहीं रहे और नालों की चौड़ाई  कम होने से उनमें सालभर पानी का बहाव हो सके। निगम ने इसकी शुरुआत दादाबाड़ी स्थित नाले से की है। 

बिना कार्यादेश के किया जा रहा काम
नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से ज्योति मंदिर के सामने से दादाबाड़ी चौराहे पर मोटर मार्केट तक नाले पर सीसी बेस बनाया जा रहा है। उसका आधा काम हो चुका है। ’योति मंदिर के सामने की तरफ चार दीवारे से लेकर ढलान देकर नाले पर सीसी किया जा रहा है। इसका काफी काम  हो चुका है और उतना ही होना बाकी है।  सूत्रों के अनुसार नगर निगम द्वारा एक तो बिना कार्यादेश जारी किए इस काम को संवेदक को लाभ पहुंचाने के लिए कराया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ नाले पर इस तरह से सीसी कर उसकी चौड़ाई को कम किया जा रहा है। जबकि यह एनजीटी के नियमों के खिलाफ है। नगर निगम अधिकारी बिना सक्षम स्वीकृति के इस तरह का काम नहीं कर सकते।  सूत्रों के नगर निगम की ओर से करवाए जा रहे इस काम को बिना कायारदेश जारी होने की जानकारी कोटा दक्षिण के उच्चाधिकारियों तक को नहीं है। 

18 लाख से किया जा रहा काम
इधर नगर निगम कोटा दक्षिण के एक्सईएन ए.क्यू कुरैशी का कहना है कि दादाबाड़ी नाले की चौड़ाई करीब 42 मीटर है। जिसमें से 32 मीटर का सीसी बेस बनाया गया है। जबकि मेन रोड की तरफ से 10 मीटर का नाला छोड़ा गया है।  18 लाख की लागत से इस नाले पर सीसी का काम किया जा रहा है। यह ज्योति मंदिर से मार्केट तक किया जाएगा।  इसके साथ ही चार दीवारी के सहारे गमले रखकर उनमें पौधे लगाए जाएंगे।  कुछ काम हो गया है और शेष काम भी जल्दी ही किया जाएगा। इस काम का टेंडर नवम्बर में हो गया था। टेंडर फाइनल होने के बाद संबंधित फर्म काम कर सकती है। 

प्रयोग के तौर पर लिया दादाबाड़ी नाला
नगर निगम कोटा दक्षिण के महापौर राजीव अग्रवाल का कहना है कि कोटा दक्षिण क्षेत्र में कई बड़े बरसाती नाले है। जिनमें साल भर तो पानी का बहाव होता नहीं है। उनमें कचरे का अम्बार लग जाता है। ऐसे में दादाबाड़ी नाले को प्रयोग के तौर पर लेकर उसमें सीसी बेस बनाया गया है। जिससे नाले की चौड़ाई कम होनेसे उसमें साल पर पानी का बहाव आसानी से हो सकेगा। सीसी पर ट्रेक बनाया गया है जिससे कॉलोनी के लोग घूम सकेंगे और कचरा भी नहीं डलेगा। यहां पौधे भी लगाए जाएंगे जिससे हरियाली रहेगी। नाले  का काम बीच में रोक दिया था। अब उसे फिर से शुरु किया जाएगा। यहां नियमानुसार ही काम किया जा रहा है। यह प्रयोग सफल होने के बाद क्षेत्र के अन्य नालों पर भी इसी तरह का काम किया जाएगा। नालों में नाली बनाने टेंडर हो चुका है। उनके खुलने के बाद वह काम भी जल्दीशुरु किया जाएगा। 

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