हर बार आग लगने के बाद जांच व सर्वे, फिर भी हो रही घटनाएं
आग लगने के काफी देर बाद तक बंद नहीं हुई थी बिजली
कोटा। शहर में गर्मी के सीजन में ही नहीं इस बार तो बरसात व सर्दी के सीजन तक में आग लगने की कई घटनाएं हुई। हर बार बड़ी घटना होने के बाद फायर अनुभाग की ओर से सर्वे व जांच कर नोटिस तो दिए जा रहे हैं। उसके बाद भी आग लगने की घटनाएं हो रही है। गुमानपुरा थाना क्षेत्र स्थित घोड़ा चौराहे पर शनिवार को जिस चार मंजिला कमर्शियल बिल्डि़ंग में आग लगी। उस में जूतों के शोरूम, ऑफिस, बैंक व आवासीय मकान तक हैं। उन शोरूम व गोदाम में बड़ी मात्रा में माल भरा हुआ है। साथ ही ऑफिस व बैंक समेत अधिकतर शोरूम में एसी लगे हुए हैं। जिनमें शॉर्ट सर्किट से आग लगने का खतरा हमेशा बना हुआ है। उसके बावजूद भी इस चार मंजिला बिल्डि़ंग में आग से सुरक्षा के इंतजाम तक नहीं है।यही कारण है कि एक छोटी सी चिंगारी ने इतना विकराल रूप ले लिया जिससे लाखों रुपए का सामान तो जलकर खाक हुआ ही बिल्डिग़ को भी नुकसान हुआ है। वहीं गनीमत रही कि इस बिल्डिंग में रहने वाले परिवार की महिलाओं व बच्चों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
बंद ऑफिस में हुआ था शॉर्ट सर्किट
बिल्डिंग के दुकानदारों का कहना है कि यहां पहली मंजिल पर एक ऑफिस संचालित होता है। लेकिन वह कभी -कभी ही खुलता है। यह ऑफिस पिछले कई दिन से बंद है लेकिन इसकी लाइट चालू थी। इसी ऑफिस में शॉर्ट सर्किट से चिंगारी निकली। जिससे वहां रखे सोफे व अन्य सामान ने आग पकड़ी और वह तेजी से फेली। हालांकि दुकानदारों का कहना है कि आग लगने पर उन्होंने अपनी दुकानों की लाइटें बंद कर दी थी। लेकिन बिल्डिग की लाइट बंद नहीं होने से आग लगने के बाद काफी देर तक बिजली एसी में शॉर्ट सर्किट के धमाके होते रहे। वहीं नगर निगम के सीएफओ राकेश व्यास का कहना है कि उनकी दमकलें आने पर सबसे पहले लाइट बंद करवाई। उसके बाद बिल्डिग़ में लोगों के फंसे होने की जानकारी करने के बाद तुरंग आग बुझाना शुरु कर दिया था।
मॉल में आग के बाद किया था सर्वे
गौरतलब है कि विज्ञान नगर थाना क्षेत्र स्थित सिटी मॉल के एक शोरूम में गत दिनों आग लगने के बाद नगर निगम के फायर अनुभाग की ओर से शहर में सभी मॉल और कमर्शियल बिल्डिंग में आग से सुरक्षा के इंतजामों की जांच व सर्वे किया गया था। करीब आधे से भी अधिक बिल्डिंग में सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। साथ ही प्रवेश व निकास की भी अलग-अलग व्यवस्था नहीं थी। इस पर निगम की ओर से ऐसे सभी बिल्डिग सचालकों व प्रबंधकों को नोटिस देकर सुधार के निर्देश दिए थे। लेकिन उस सर्वे में इस बिल्डिंग को शामिल नहीं किया गया था।
बिल्डिंग में नहीं हैं आग से सुरक्षा के इंतजाम
नगर निगम कोटा के सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि घोड़ा चौराहा स्थित जिस चार मंजिला कमर्शियल बिल्डिग़ में आग लगी वहां आग से सुरक्षा के इंतजाम तक नहीं है। यदि वहां सिस्टम होते तो दमकलों के पहुंचने से पहले कुछ हद तक आग को बढऩे से रोका जा सकता था। व्यास ने बताया कि कम्यूनिकेशन गेप के चलते समय पर सूचना नहीं मिली। सूचना मिलते ही तुरंत दमकलें पहुंच गई थी। शुरु में विरोध करने वाले दुकानदारों ने आग बुझाने के दौरान किए गए फायरमैन की सराहना की।

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