बिना अधिकारियों की रिपोर्ट के जारी हो रही फायर एनओसी, अधिकारियों के पद रिक्त होने से आ रही समस्या
कोटा संभाग में झालावाड़ खाली
फायरमैन व कार्मिक ही कर रहे आॅनलाइन फायर एनओसी की मैपिंग।
कोटा। प्रदेश की कई नगरीय निकायों में बिना तकनीकी अधिकारियों की जांच के ही फायरगैन व कार्मिकों द्वारा फायर एनओसी की मैपिंग की जा रही है। यह समस्या अधिकतर उन जगहों पर आ रही है जहां अधिकारियों के पद रिक्त हैं। नगर निगम, नगर परिषद व नगर पालिकाओं द्वारा बहुमंजिला इमारतों, आवासीय व व्यवसायिक इमारतों के 15 मीटर ऊंचाई से अधिक होने पर फायर एनओसी जारी की जाती है। फायर एनओसी जारी होने से पहले उसकी ऑनलाइन मैपिंग की जाती है। यह काम फायर अनुभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी, अग्निशमन अधिकारी व सहायक अग्निशमन अधिकारियों द्वारा किया जाता है। लेकिन हालत यह है कि कई जगह पर सीएफओ, एफओ व एएफओ के पद रिक्त होने से वहां फद्दायरमैन व कार्मिकों द्वारा ही ऑनलाइन मैपिंग की जा रही है। जिसके आधार पर एनओसी भी जारी हो रही है।
एपीओ चल रहे सीएफओ देवेन्द्र कुमार मीणा ने स्वायत्त शासन विभाग के उप निदेशक प्रशासन को इस संबंध में पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र के माध्यम से मांग की है कि ऑनलाइन मैपिंग का कार्य तकनीकी अधिकारियों द्वारा ही किया जाता है। जहां तकनीकी अधिकारी नहीं हैं वहां नजदीकी निकायों के अधिकारियों से मैपिंग करवाई जाए। साथ ही जहां फायरमैन व कार्मिक जैसे अतकनीकी कार्मिक ऑनलाइन मैपिंग कर रहे हैं उन्हें ऐसा करने से रोका जाए।
सबसे अधिक एएफद्दओ के पद रिक्त
जानकारी के अनुसार प्रदेश में मुख्य अग्निशमन अधिकारी(सीएफओ), अग्निशमन अधिकारी(एफओ) व सहायक अग्निशमन अधिकारी (एएफओ) के कुल 118 पद स्वीकृत हैं। जिनमें सीएफओ के 6, एफओ को 28 व एएफओ के 84 पद स्वीकृत हैं। इनमें से सीएफओ के दो पद अधिक हैं। जबकि 19 एफद्दओ कार्यरत हैं और 9 पद रिक्त है। वहीं सबसे अधिक एएफओ 49 पद रिक्त हैं जबकि कार्यरत मात्र 35 ही हैं।
कोटा संभाग में झालावाड़ खाली
कोटा संभाग के फायर अनुभाग में से कोटा में सीएफओ, दो एफओ व एएफओ कार्यरत हैं। बूंदी व बारां में एक-एक एएफओ हैं। जबकि झालावाड़ में पद रिक्त हैं। वहां कोई भी अधिकारी कार्यरत नहीं हैं।
नियमानुसार तो तकनीकी अधिकारी ही करते हैं मैपिंग
सीएफओ राकेश व्यास ने बताया कि फायर एनओसी जारी होने से पहले आॅनलाइन मैपिंग की जाती है। यह कार्य तकनीकी अधिकारी सीएफओ, एफओ व एएफओ द्वारा ही किए जाने का नियम है। लेकिन कई जगह ऐसी हैं जहां अधिकारी नहीं होने से नजदीकी अधिकारियों से मैपिंग करवाई जा रही है। कोटा संभाग में ऐसी कुछ ही जगह हैं। जबकि अधिकतर तो कोटा में ही मैपिंग करवाने आ रहे हैं। लेकिन कुछ जगहों पर फायरमैन व कार्मिक ही मैपिंग कर रहे हैं जो गलत है। इस संबंध में कोटा में सीएफओ रहे व वर्तमान में एपीओ चल रहे देवेन्द्र कुमार मीणा ने उप निदेशक स्वायत्त शासन विभाग को पत्र लिखा है। जिसमें मैपिंग का काम तकनीकी अधिकारियों से करवाने व फायरमैन व कार्मिकों से करवाए जा रहे इस कार्य को रूकवाने की मांग की है। जिससे फायर एनओसी सही तरह से जारी की जा सके।

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