जयपुर कांग्रेस में जिलाध्यक्ष नियुक्ति के बाद बढ़ी गुटबाजी : कार्यकारिणी गठन स्थगित, चुनावों में अस्थिरता की संभावना
फैसला पार्टी के भीतर असंतोष का कारण बन गया
शहर कांग्रेस में नए जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा की नियुक्ति के बाद अंदरूनी गुटबाजी तेज। पूर्व जिलाध्यक्ष आरआर तिवाड़ी और स्थानीय नेताओं के समर्थक असंतुष्ट। टिकट वितरण, पदों का बंटवारा और गुट संतुलन विवाद के मुख्य कारण। कार्यकारिणी गठन में देरी और पार्टी में एकजुटता कमजोर होने का खतरा।
जयपुर। शहर कांग्रेस में नए जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा की नियुक्ति के बाद अंदरूनी गुटबाजी में तेजी आई है। जनवरी 2026 में कांग्रेस हाईकमान ने संगठन सृजन अभियान के तहत सुनील शर्मा को अध्यक्ष बनाया, जिसके बाद फरवरी में उन्होंने पदभार ग्रहण किया। यह फैसला पार्टी के भीतर असंतोष का कारण बन गया है।
पूर्व जिलाध्यक्ष आरआर तिवाड़ी के समर्थक और कुछ स्थानीय नेता इस बदलाव से नाराज हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि योग्य कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया गया। प्रमुख रूप से गुटबाजी में शामिल नेताओ में सुनील शर्मा गुट में नए अध्यक्ष के समर्थक, जो बदलाव को पार्टी मजबूती का संकेत मानते हैं। प्रताप सिंह खाचरियावास और उनके समर्थक पदभार ग्रहण समारोह में सक्रिय रहे, लेकिन गुट संतुलन पर असहमति दिख रही है। पुष्पेंद्र भारद्वाज जैसे स्थानीय दावेदारों के समर्थको ने उन्हें अध्यक्ष पद का हकदार मानते हुए नाराजगी जाहिर की। अन्य छोटे गुट में लोकसभा टिकट विवाद और पुरानी रंजिशों से जुड़े नेता शामिल हैं। असंतोष के मुख्य कारणों में टिकट वितरण, संगठन में पदों का बंटवारा और गुट संतुलन की कमी हैं। कार्यकारिणी गठन में भी देरी हो रही है, क्योंकि नाराजगी का डर सता रहा है। इससे जयपुर शहर इकाई में एकजुटता कमजोर हुई है, जो आगामी चुनावों के लिए चुनौती बनी हुई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि हाईकमान जल्द समन्वय की कोशिश करेगा।

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