हर घर नल योजना बनी 'हर घर समस्या', सहरिया बस्तियों में सूखे नल
ग्रामीणों को रोजाना पानी के लिए पड़ रहा भटकना
कनेक्शन दिए, पाइप डाले पर पानी नहीं, गर्मी शुरू होते ही ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी।
राजपुर। सहरिया अंचल क्षेत्र में सर्दी विदा होते ही गर्मी ने दस्तक दे दी है और इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट भी सामने आने लगा है। पीएम जनमन योजना के तहत सहरिया परिवारों को हर घर नल कनेक्शन दिए गए थे लेकिन कई गांवों में नलों में पानी नहीं पहुंचने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर लगे नल केवल शोपीस बनकर रह गए हैं और ग्रामीणों को जरूरत का पानी इधर-उधर से लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी गर्मी का शुरूआती दौर है और पानी की कमी महसूस होने लगी है। आने वाले दिनों में जब भीषण गर्मी पड़ेगी तो समस्या और गंभीर हो जाएगी। वर्तमान में लोग दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाने को मजबूर हैं। शाहाबाद उपखंड क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों की सहरिया बस्तियों में यही हालात बने हुए हैं। शाहाचाद, राजपुर, मामोनी, शुभघरा, मझारी, मुगावली, आबादी, किराड़ पहाड़ी और बेहटा सहित कई गांवों की बस्तियों में नलों में पानी नहीं आ रहा है, जिससे ग्रामीणों को रोजाना पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधान
ग्रामीण आनंदपुर निवासी जितेंद्र कुमार पुत्र नाथूलाल सहरिया, किराड़ पहाड़ी निवासी चिरंजीलाल सहरिया, घनश्याम सहरिया, राजकुमार, मामोनी निवासी प्रेमचंद ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों तथा ग्राम विकास अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सर्दी के मौसम में पानी की समस्या कम रहती थी, लेकिन गर्मी शुरू होते ही पेयजल संकट गहराने लगा है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर एवं विधायक को ज्ञापन भेजकर पीएम जनमन योजना के तहत किए गए कार्यों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि हर घर नल योजना के लिए करोड़ों रुपये का बजट जारी किया गया, लेकिन धरातल पर लोगों को पानी नहीं मिल रहा है और कागजों में ही सप्लाई दिखा दी गई है। नल कनेक्शन किए गए हैं लेकिन उनमें टोटी नहीं लगाई गई है। कई लोगों ने तो नलों की लाइनों में शराब के खाली पव्वे लगा रखे हैं।
महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि पानी की समस्या का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। उन्हें रोजाना दूर-दूर के कुओं और हैंडपंपों से पानी लाना पड़ रहा है। कई बार सुबह और शाम लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे समय और अम दोनों की बबार्दी होती है।
नल बने शोपीस
कई सहरिया बस्तियों में नल कनेक्शन तो लगाए गए हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आने से ये केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। कुछ जगहों पर तो नलों में टोटियां तक नहीं लगाई गई हैं, जिससे योजना की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने समस्या को ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। लोगों का कहना है कि योजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
जल्द समाधान की उम्मीद
ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर जल्द ही जांच करवाएगा और अधूरे कार्यों को पूरा कराकर पानी की नियमित सप्लाई शुरू कराएगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
इनका कहना है
कई परिवारों के घरों में नल कनेक्शन तो लगाए गए, लेकिन आज तक उनमें पानी की एक बूंद भी नहीं आई। ठेकेदार ने केवल औपचारिकता पूरी करते हुए कनेक्शन दे दिए, जबकि कई स्थानों पर पाइप लाइन को टंकियों से जोड़ा ही नहीं गया, जिससे पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो पाई।
- राहुल, ग्रामीण
ठेकेदारने पाइप लाइन तो बिछा दी, मगर कई जगह उसे पानी की टंकी से जोड़ा ही नहीं गया।
- रामजीलाल, ग्रामीण
ठेकेदार ने अधूरा काम छोड़ दिया और कई पाइप लाइनें टंकियों से जुड़ी ही नहीं
- राजेन्द्र, ग्रामीण
नल कनेक्शन तो दिए गए, लेकिन उनमें पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई। जिसके कारण नल केवल शोपीस बनकर रह गए हैं।
- चिरंजीलाल सहरिया, ग्रामीण
मामले को गंभीरता से लिया गया है और जल्द ही पीएचईडी विभाग के एईएन से बात कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
- हर्ष महावर, विकास अधिकारी
पीएचईडीविभाग से समन्वय कर शीघ्र ही पानी की समस्या का निराकरण कराया जाएगा।
-जब्बर सिंह, अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं सहरिया परियोजना अधिकारी

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