जनता जल योजना का इंतजार, प्यासे सीमलिया के बाशिंदे
पीने के पानी का रातभर करते है इंतजार
आजादी के 80 साल बाद भी गांव में नहीं पहुंचीं बुनियादी सुविधाएं।
कनवास। कनवास उपखंड की ग्राम पंचायत बांस्याहेड़ी के सीमलिया गांव के ग्रामीण आजादी के लगभग 80 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। इस बीच कई सरकारें आई और गई। हर चुनाव से पहले जनप्रतिनिधियों ने कई वादे और दावे किए। लेकिन जमीनी स्तर पर आज तक कोई वादा पूरा होता नहीं लग रहा। सरकार विकास और जल जीवन मिशन के तहत हर गांव में साफ पीने का पानी पहुंचाने के दावे करे, लेकिन हकीकत यह है कि आज तक इस गांव के लोग पेयजन की सुविधा से वंचित हैं। गांव में लंबे समय से पीने के पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमलिया गांव अब तक जनता जल योजना से नहीं जुड़ा है। पानी की किल्लत के चलते ग्रामीणों ने एक पुराने कुएं में सामूहिक रूप से अपनी मोटरें डाल रखी हैं और इन्हीं से किसी तरह पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है। इस अस्थायी व्यवस्था को बनाए रखने के लिए ग्रामीणों को महंगी मोटर, पाइप, मिस्त्री की मजदूरी और बिजली बिल जैसे अतिरिक्त खर्च उठाने पड़ रहे हैं।
गर्मी के मौसम में बढ़ जाता है संकट
ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी का मौसम शुरू होते ही पानी का संकट और गहरा जाता है। सीमित जलस्रोतों के कारण ग्रामीणों को रातभर पानी के लिए जागना पड़ता है। कई बार महिलाएं और बुजुर्ग देर रात तक पानी भरने के लिए कतार में खड़े रहते हैं। इससे गांव में रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है।
जनता जल योजना से जोड़ने की मांग
ग्रामवासी मुकेश गुर्जर सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सीमलिया को शीघ्र जनता जल योजना से जोड़ा जाए और स्थायी जल व्यवस्था की जाए। ताकि लोगों को पीने के पानी के लिए रातभर परेशान न होना पड़े।
ग्राम पंचायत बांस्याहेड़ी के अंतर्गत आने वाले ग्राम सीमलिया का टेंडर जारी हो चुका है। जल्द ही हर घर नल योजना के तहत कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
- राकेश मीणा, कनिष्ठ अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग

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