बर्फीली ढलानों से ओलंपिक तक का सफर, पैसों की कमी में अटका भारत का सपना
भामाशाहों के सहयोग से जनवरी में स्वीडन जा सकता है खिलाड़ी
जनप्रतिनिधियों व भामाशाहओं से दिन-रात संपर्क साध रहे पर अभी तक निराशा ही हाथ लग रही ।
कोटा । कोटा निवासी अल्पाइन स्की खिलाड़ी विकास अंबवानी आज आर्थिक तंगी के कारण अपने लक्ष्य से कुछ कदम दूर खड़े हैं। आठ वर्षों की कड़ी मेहनत, अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व और ओलंपिक क्वालिफिकेशन अंक अर्जित करने के बावजूद संसाधनों का अभाव उनकी सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। विकास अंबवानी ने दैनिक नवज्योति कार्यालय पहुंचकर बताया कि वे संभवत: राजस्थान के पहले ऐसे खिलाड़ी हैं, जो शीतकालीन खेल अल्पाइन स्की में लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक भामाशाहों के सहयोग से वे मनाली, गुलमर्ग सहित देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लेते रहे हैं।
भारत के लिए खेले, ओलंपिक के अंक भी कमाए
विकास ने बताया कि दिसंबर माह में उन्होंने अल्पाइन स्की जाइंट स्लालम श्रेणी में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जहां शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने ओलंपिक क्वालिफिकेशन के लिए महत्वपूर्ण अंक अर्जित किए। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि राजस्थान और देश के लिए भी गर्व का विषय है।
जनवरी 2026 में स्वीडन जाना जरूरी, 4 लाख रुपये की जरूरत
विकास ने बताया कि जनवरी 2026 में स्वीडन के डूवेट स्की रिजॉर्ट में एक माह का विशेष प्रशिक्षण प्रस्तावित है। इस प्रशिक्षण में भाग लेकर वे आगामी ओलंपिक क्वालिफिकेशन पॉइंट्स हासिल करना चाहते हैं। इसके लिए उन्हें लगभग 4 लाख रुपये की आवश्यकता है, जो फिलहाल उनके लिए जुटा पाना संभव नहीं हो पा रहा है।
भामाशाहों का सहयोग बना सहारा
विकास ने बताया कि समय-समय पर भामाशाहों के सहयोग से उन्हें हेलमेट, कपड़े,
एंटी-कट क्लॉथ, चश्मे, हीटिंग ग्लव्स, शॉक्स सहित अन्य आवश्यक खेल सामग्री प्राप्त हुई है, जिसके दम पर वे अब तक प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सके हैं।
सहयोग के लिए हर जगह लगाई गुहार
विकास अंबवानी ने बताया कि ओलंपिक 2026 में भाग लेने के लिए उन्होने शहर के विभिन्न जनप्रतिनिधियों व भामाशाहओं से दिन-रात संपर्क साध रहे है। पर अभी तक उनको हर जगह से निराशा ही हाथ लगी है। उनका कहना है कि मैं प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा हूं।

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