अवैध खनन से बनी खदाने बरसात में फिर होंगी जानलेवा

बरसात में खदानों में पानी भरने पर पहले भी हो चुके हैं हादसे

अवैध खनन से बनी खदाने बरसात में फिर होंगी जानलेवा

शहर में अवैध खनन करने वालों ने जमीनों को इतना अधिक छलनी कर दिया है कि वहां बड़ी-बड़ी खदाने हो गई हैं। उन खदानों में बरसात का पानी भरने से वे एक बार फिर से जानलेवा साबित होंगी।

कोटा । शहर में अवैध खनन करने वालों ने जमीनों को इतना अधिक छलनी कर दिया है कि वहां बड़ी-बड़ी खदाने हो गई हैं। उन खदानों में बरसात का पानी भरने से वे एक बार फिर से जानलेवा साबित होंगी। सुकेत थाना क्षेत्र के हिरनिया में कोटा स्टोन की  खदान में डूबने से सोमवार को एक युवक की मौत हो गई। वह युवक खदान में भरे पानी में नहाने गया था। इस साल बरसात शुरू होने से पहले ही खदान में डूबने से मौत का यह पहला मामला है। इस तरह के मामले भविष्य में कोटा शहर में भी हो सकते हैं।  इसका कारण शहर के कई इलाकों में सरकारी जमीनों पर हो रहे अवैध खनन है।

आर.के. पुरम् थाना क्षेत्र में कोटा विवि के पीछे वाले हिस्से से लेकर अनंतपुरा थाना क्षेत्र में झालावाड़ रोड और आंवी रोजड़ी क्षेत्र में जगह-जगह पर अवैध खनन हो रहे हैं। जिससे वहां जमीन पूरी तरह से छलनी हो गई है। उन जमीनों में बड़े-बड़े गड्ढ़े हो रहे हैं। वर्तमान में भी सरकारी जमीनों पर बड़ी संख्या में अवैध खनन हो रहा है। रात ही नहीं दिन के समय भी वहां रोजाना ब्लास्टिंग हो रही है। जिससे उन अवैध खनन से निकले पत्थर ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में भरकर ले जाए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे अवैध खनन तो ही ही रहा है। साथ ही वे मौत के गड्ढ़े भी बना रहे हैं। जो बरसात के समय में जानलेवा साबित हो सकते हैं।  ये खदाने भी काफी अधिक क्षेत्र में फेल चुकी हैं। हाइवे के किनारे होने से बरसात के समय में कई लोग वहां पानी भरने से पिकनिक तक मनाने चले जाते हैं। साथ ही नशा करने वाले भी पानी का किनारा देखकर वहां पार्टी करने लगते हैं। ऐसे में वहां हादसे होने का खतरा अधिक रहता है।

उन खदानों में प्री मानसून के दौरान हुई बरसात का पानी भर गया है। हालांकि अभी तो उन अवैध खदानों में पानी बहुत कम है। लेकिन बरसात शुरू होते ही उनमें इतना अधिक पानी भर जाएगा कि उनकी गहराई का अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता। ऐसे में वहां आस-पास रहने वाले और मजदूर वर्ग के लोग उन खदानों के पानी में नहाने जाते हैं। जिससे कई बार डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। उन खदानों में मजदूरों के बच्चे तक भी डूब चुके हैं। इसी तरह की खदाने नदी पार नांता क्षेत्र, पत्थर मंडी और मोहनलाल सुखाड़िया क्षेत्र में भी बन चुकी हैं। जिनकी गहराई काफी अधिक है। नगर विकास न्यास व वन विभाग की जमीनों पर बनी इन अवैध खदानें हादसों का कारण बन सकती हैं। अनंतपुरा क्षेत्र के क्रेशर बस्ती व बरड़ा बस्ती में दो-तीन साल पहले मजदूरों के बच्चों के डूबने और कई युवाओं के नहाने के दौरान डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। हर साल बरसात में इन खदानों में लोगों के डूबने की घटनाएं होने के बाद भी अवैध खनन पर पुलिस व प्रशासन की कोई रोक नहीं है।

अवैध खनन करने वालों के खिलाफ वन विभाग और पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करते रहते हैं। लेकिन अवैध खनन से जो खदानें बन चुकी हैं। वहां बरसात के समय में किसी भी तरह के हादसे व दुर्घटना को रोकने के लिए पुलिस की निगरानी करवाई जाएगी। रिफलेक्टर व चेतावनी बोर्ड लगवाए जाएंगे। जिससे लोगों को बरसात के समय में ऐसी खतरनाक जगहों पर जाने से रोका जा सके।
-अनिल जोशी,सीआई, आर.के. पुरम् थाना

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