असर खबर का : एमबीएस अस्पताल में नशेड़ियों के अड्डे बने 17 खंडहर क्वार्टर ढहाने का काम शुरू, 14 जमींदोज
जर्जर मकानों को गिराने का काम युद्ध स्तर पर जारी
दैनिक नवज्योति ने खबर प्रकाशित कर जर्जर इमारतों से होने वाले खतरों पर आगाह किया था।
कोटा। एमबीएस अस्पताल परिसर में सालों से सुरक्षा और स्वच्छता के लिए सिरदर्द बने खंडहर सरकारी आवासों (सर्वेन्ट क्वार्टर्स) पर आखिरकार प्रशासन का डंडा चल गया है। लंबे समय से चल रही खींचतान और फाइलों के चक्कर के बाद, अस्पताल प्रशासन द्वारा बजट जारी करते ही सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इन खतरनाक ढांचों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। दैनिक नवज्योति के 21 फरवरी को प्रकाशित अंक में ''सर्वेन्ट क्वार्टर्स खाली, कंटकों ने आबाद कर डाला'' शीर्षक से प्रकाशित खबर में जर्जर व खाली पड़ी इमारतों से होने वाले खतरों पर आगाह किया था। जिसके तुरन्त बाद 24 फरवरी को ही अस्पताल प्रशासन ने 5लाख 70 हजार राशि का चैक पीडब्ल्यूडी को सौप दिया था। जिसके बाद पीडब्ल्यूडी ने प्रकिया के तहत इन्हे हटाने का काम चालू कर दिया।
खतरें से मुक्ति, भूमि विकास के लिये
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि अस्पताल लगातार विकसीत हो रहा है। जर्जर भवनों के हटने के बाद खाली हुई जमीन को अस्तपताल की भावी जरूरतों के लिये इस्तेमाल किया जा सकेगा। साथ यहां होने वाली गंदगी से भी निजात मिलेंगी। साथ ही किसी भी प्रकार की संभावित जान माल के खतरा भी समाप्त हो गया।
17 में से 14 क्वार्टर गिराए गए
सर्वे के अनुसार, परिसर में कुल 17 आवास ऐसे चिह्नित किए गए थे जो पूरी तरह रहने लायक नहीं थे और ढहने की कगार पर थे। ताजा जानकारी के अनुसार, अब तक इनमें से 14 क्वार्टर्स को सफलतापूर्वक गिरा दिया गया है बाकी बचे 3 ढांचों को भी जल्द ध्वस्त करने की तैयारी है।
15 दिन पहले शुरू हुआ एक्शन
अस्पताल प्रशासन ने इन खंडहरों को हटाने के लिए 5 लाख 70 हजार की राशि पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित की। प्रशासन का उद्देश्य इन असुरक्षित ढांचों को खत्म कर परिसर को असामाजिक तत्वों से मुक्त कराना है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारीयों ने बताया कि साल भर पहले ही इन्हे गिराने का प्रस्ताव मिला था। जिसके बाद हमारी तरफ से एस्टीमेट बनाया गया था। 24 फरवरी को हमे आंकलित राशि का चैक मिलने के बाद इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी अप्रेल के पहले सप्ताह से ठेकेदार ने इन्हे गिराने का काम शुरू कर दिया है। पिछले 15 दिनों से इन जर्जर मकानों को गिराने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
हमने 17 गिराने योग्य क्वार्टर्स में से 14 को अब तक हटा दिया है। इस सप्ताह के भीतर बाकी बचा काम भी पूरा कर लिया जाएगा। पीडब्ल्यूडी इन निर्माणों को गिराने के बाद पूरी जमीन को समतल करके अस्पताल प्रशासन को सौंप देगी।
-अशोक सनाढ्य, अधिशाषी अभियंता (प्रोजेक्ट खंड), पीडब्ल्यूडी कोटा
भवनों की उम्र पुरी हाे चुकी थी इसिलिये पीडब्ल्यूडी के द्वारा इन्हें हटवाया गया है। आगे जाे भी आवश्यकता पड़ेगी उस हिसाब से काम करवाया जायेगा।
-डॉ. धर्मराज मीणा अधीक्षक एमबीएस अस्पताल

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