रोडवेज से अब पार्सल भेजना मुश्किल

पार्सल सेवा का काम करने वाली फर्म का लाइसेंस समाप्त

रोडवेज से अब पार्सल भेजना मुश्किल
अब प्रदेशवासियों को रोडवेज बसों के माध्यम से सामान भेजने की सुविधा फिलहाल नहीं मिल सकेगी। राजस्थान रोडवेज मुख्यालय ने रोडवेज बसों में पार्सल सेवा का काम करने वाली फर्म सांई श्रृद्धा कारगो का लाइसेंस समाप्त कर दिया है।

कोटा। अब प्रदेशवासियों को रोडवेज बसों के माध्यम से सामान भेजने की सुविधा फिलहाल नहीं मिल सकेगी। राजस्थान रोडवेज मुख्यालय ने रोडवेज बसों में पार्सल सेवा का काम करने वाली फर्म सांई श्रृद्धा कारगो का लाइसेंस समाप्त कर दिया है। साथ ही फर्म की अमानत राशि को जप्त कर लिया है। सांई श्रृद्धा कारगो राजस्थान रोडवेज बसों के माध्यम से माल परिवहन का काम अनुबंध पर कर रही थी।

रोडवेज मुख्यालय की ओर से जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि ‘सांई श्रृद्धा कारगो’ से छोटे पार्सल को परिवहन करने का अनुबंध किया गया था। अनुबंध शर्तों के अनुसार फर्म को त्रिमासिक अनुबंध राशि 34 लाख 53 हजार रुपए एक साथ जमा करनी थी। परन्तु फर्म की ओर से यह राशि किस्तों में जमा कराई गई, साथ ही पूरी राशि का भुगतान भी नहीं किया गया। ऐसे में रोडवेज प्रबंधन ने अमानत राशि जप्त करने के साथ ही फर्म का अनुबंध समाप्त कर दिया है। रोडवेज बसों में पार्सल सेवा का अनुबंध समाप्त होने से उन लोगों के सामने परेशानी खडी हो जाएगी, जो अपना सामान रोडवेज बसों के माध्यम से भेजते और मांगाते हैं। पहले यदि किसी को अपना सामान जल्दी और सुरक्षित तरीके से प्रदेश में कहीं भेजना होता था तो रोडवेज बस में सामान की बुकिंग करा सकते थे।   पार्सल बस के माध्यम से गंतव्य बस स्टैण्ड पहुंच जाता थर््ा। परन्तु यह सुविधा फिलहाल कुछ समय के लिए नहीं मिल सकेगी।

यह रास्ता तो खुला रहेगा
रोडवेज बसों में सामान अभी भी भेजा जा सकेगा, परन्तु अब सामान की गारंटी नहीं होगी। अब बस चालक अथवा परिचालक को ‘सेवा शुल्क’ देकर पार्सल भेज सकते हैं। लेकिन उसकी कोई रसीद और गारंटी नहीं होगी। ऐसे में सामान भेजना सुरिक्षत नहीं होगा। पार्सल इधर-उधर होने पर कोई वैधानिक कार्रवाई संभव नहीं हो पाएगी।

प्राइवेट बसों की चांदी
रोडवेज की पार्सल सेवा बंद होने से प्राइवेट बस वालों की चांदी हो गई है। अब लोग प्राइवेट बसों से सामान की बुकिंग करा कर भेंजेंगे। उसकी कच्ची रसीद भी मिलेगी और सामान पहुंचने की गारंटी भी रहेगी। बस आपरेटर मनमाने दरों पर सामान की बुकिंग कर माल कमाएंगें।

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