पहले बांटते थे नोट, अब पांच जिलों के दफ्तर आलमारियों में सिमटे

अगले साल तक कोटा कार्यालय पर भी तालाबन्दी का खतरा

पहले बांटते थे नोट, अब पांच जिलों के दफ्तर आलमारियों में सिमटे

सभी कार्यालय कारोबार से ज्यादा कर्मचारियों की कमी से बंद हुए ।

कोटा। राजस्थान प्रदेश को रूग्ण से ओद्योगिक प्रदेश बनाने में रोड़मेप की भूमिका में रहा वित्त निगम आज खुद समाप्ति की कगार पर है। बात कोटा रीजन की करें तो यहां बारा, बून्दी झालावाड़,सवाईमाधोपुर सहित गंगापुर व करौली के आरएफसी के कार्यालय बंद हो चुके हैं । वित्त निगम के यह सभी कार्यालय कारोबार से ज्यादा कर्मचारियों की कमी के कारण बन्द हुये है। वित्त वर्ष 2024-25 में 8.82 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित करने और एनपीए में 34 प्रतिशत की कमी दर्ज करने वाला निगम जमीनी स्तर पर अपनी शाखाएं समेटता नजर आ रहा है। राज्य मुख्यालय जयपुर में वित्तीय मजबूती के आंकड़े प्रस्तुत किए जा रहे हैं, वहीं कोटा संभाग में हालात अलग कहानी बयां कर रहे हैं। कोटा सहित बारां, बूंदी, झालावाड़, सवाई माधोपुर और गंगापुर सिटी में आरएफसी के कार्यालय बंद हो चुके हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन कार्यालयों पर ताले कारोबार की कमी से नहीं, बल्कि कर्मचारियों की भारी कमी के कारण लगे हैं।

तो क्या इसी तरह अगले साल तक कोटा कार्यालय भी होगा बन्द
कोटा कार्यालय को लेकर भी अब यही आशंका नजर आ रही है। इसी साल कोटा कार्यालय के मैनेजर सीताराम मीणा के 30 जनवरी का रिटायरमेंट हो जोने के बाद यहां पर अब कार्यारत रहे दो स्थाई कर्मचारियो में एक सहायक शाख प्रबंधक और एक स्टेनों के पद पर शेष रह गये है। इनका भी सेवाकार्य इसी वर्ष पूर्ण हो जायेगा। स्टेनो इन्द्रकुमार गर्ग का सेवाकाल जून में समाप्त होने जा रहा है, वहीं सहायक शाखा प्रबन्धक रमेशचन्द मीणा का कार्यकाल इसी सितम्बर के बाद समाप्त हो जायेगा।

वर्तमान में कार्य संपादन के लिये किशनगढ़ अजमेर से अशोक मौर्य को लगाया गया है। जिनको सप्ताह में दो दिन कोटा कार्यालय देखने का जिम्मा दिया गया है। ऐसे में यहां कार्यरत स्थाई कार्मिकों के रिटायरमेन्ट के बाद इसी साल के अन्त तक ताला लग जायेगा। हालांकि कोटा आये अशोक मौर्य का कार्यकाल भी आने वाले 2027 के शुरूआत में ही समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में यदि शीघ्र ही दूसरे कर्मचारियों को यहां नहीं लगाया गया तो आरएफसी का कोटा कार्यालय भी बन्द हो जायेगा।

ऐसे हुए बन्द
वर्ष 2013-14 में बारां और बून्दी में राजस्थान वित्त निगम के कार्यालय बन्द करके कोटा के कार्यालय में मिला दिया गया। बही 2021 में झालावाड़ व सवाई माधोपुर के कार्यालय भी स्टाफ की रिटायरमेंन्ट के कारण बन्द करने पडे यहां के सारे दस्तावेजोें को भी कोटा में डीसीएम रोड़ स्थित राजस्थान वित्त निगम के कार्यालय में पहुचां दिया गया । ऐसे ही बाकी करौली और और गंगापुर के आॅफिसों पर भी कार्मिकों की सेवा समाप्तियां जारी रही और सारे कार्यालय एक-एक करके कोटा के इस कार्यालय में मर्ज होते गये।

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इनका कहना है
राजस्थान वित्त निगम में कर्मचारयों के रिटायरमेन्ट के चलते कार्मिकों कमी होती जा रही हे। शीघ्र ही 10 नये पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है ।
- पंकज पुरोहित, जनरल मैनेजर एंड सेक्रेटरी, आरएफसी जयपुर

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