शहीद आश्रितों को सरकारी नियुक्ति : 14 आवेदन प्राप्त, 6 को मिली नौकरी ; अविवाहित सैनिक के मामले में भाई या बहन आश्रित की श्रेणी में शामिल
15 वर्ष की आयु पूर्ण होने से पूर्व गोद लिया जाना आवश्यक
राज्य सरकार ने बताया कि 15 अगस्त 1947 से 31 दिसंबर 1971 तक विभिन्न युद्धों एवं रक्षा अभियानों में शहीद हुए सैनिकों के आश्रितों को राज्य सेवा में नियुक्ति का प्रावधान है। इस संबंध में राज्य सरकार ने 9 सितंबर 2022 को अधिसूचना जारी कर पात्र आश्रितों की श्रेणी निर्धारित की।
जयपुर। राज्य सरकार ने बताया कि 15 अगस्त 1947 से 31 दिसंबर 1971 तक विभिन्न युद्धों एवं रक्षा अभियानों में शहीद हुए सैनिकों के आश्रितों को राज्य सेवा में नियुक्ति का प्रावधान है। इस संबंध में राज्य सरकार ने 9 सितंबर 2022 को अधिसूचना जारी कर पात्र आश्रितों की श्रेणी निर्धारित की है। अधिसूचना के अनुसार शहीद के आश्रितों में पुत्र, पुत्री, पौत्र, पौत्री, दत्तक पुत्र, दत्तक पुत्री सहित अन्य निकट संबंधियों को भी पात्र माना गया है। अविवाहित सैनिक के मामले में भाई या बहन को भी आश्रित की श्रेणी में शामिल किया गया है। दत्तक संतान के मामले में हिन्दू दत्तक और भरण-पोषण अधिनियम, 1956 के प्रावधान लागू होंगे, जिसके तहत 15 वर्ष की आयु पूर्ण होने से पूर्व गोद लिया जाना आवश्यक है। 15 वर्ष से अधिक आयु के अभ्यर्थी को गोद लेने में किसी प्रकार की छूट का प्रावधान नहीं है और ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन भी नहीं है।
तीन वर्षों में 14 आवेदन, 6 को नियुक्ति
सरकार द्वारा सदन में दी गई जानकारी के अनुसार विगत तीन वर्षों में बलिदानी योद्धाओं के दत्तक आश्रितों से कुल 14 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 6 आवेदकों को प्रावधानानुसार सरकारी नियुक्ति प्रदान की गई है। 12 आवेदन निरस्त किए गए हैं, जबकि 6 प्रकरण वर्तमान में विभिन्न स्तरों पर प्रक्रियाधीन हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि लंबित आवेदनों का निस्तारण एक सतत प्रक्रिया है तथा संबंधित विभागों के समन्वय से शीघ्र ही शेष प्रकरणों का समाधान किया जाएगा। इस प्रकार सरकार ने शहीद परिवारों को सरकारी सेवा में समुचित प्रतिनिधित्व देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

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