फ्रांस-जापान के बीच न्यूक्लियर एनर्जी पर बड़ा समझौता: 2050 तक अगली पीढ़ी के परमाणु रिएक्टर का लक्ष्य, परमाणु और अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग
परमाणु और अंतरिक्ष शक्ति: फ्रांस और जापान के बीच ऐतिहासिक समझौता
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने नागरिक परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग के लिए ऐतिहासिक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए। दोनों देश 2050 तक अगली पीढ़ी के परमाणु रिएक्टर विकसित करेंगे। अंतरिक्ष सुरक्षा बढ़ाने और रीयूजेबल रॉकेट तकनीक साझा करने पर भी सहमति बनी है, जो वैश्विक नवाचार को नई दिशा देगी।
टॉक्यों। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की जापान की दो दिवसीय यात्रा के दौरान दोनों देशों ने परमाणु ऊर्जा के विकास पर एक घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के साथ बुधवार को एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मैक्रों ने कहा, "हमने नागरिक परमाणु ऊर्जा पर एक घोषणापत्र अपनाया है। परमाणु ऊर्जा कार्बन उत्सर्जन कम करने और संप्रभुता की रणनीति के केंद्र में है।" फ्रांसिसी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दोनों देश संयुक्त परियोजनाओं के माध्यम से दोनों देश साझेदारी को विकसित करना जारी रखेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों को 2050 तक अगली पीढ़ी के परमाणु रिएक्टर मिलने की उम्मीद है।
मैक्रों ने कहा, "हमारी साझेदारी अंतरिक्ष क्षेत्र में भी जारी है। फ्रांसीसी अंतरिक्ष कमान में एक जापानी अधिकारी भेजने के लिए एक तकनीकी समझौते पर हस्ताक्षर के साथ यह एक नए स्तर पर पहुंच गई है।" फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के पास इस क्षेत्र में सहयोग विकसित करने की महत्वपूर्ण संभावनाएं हैं, विशेष रूप से पुन: प्रयोज्य रॉकेट (रीयूजेबल लॉन्च व्हीकल) और छोटे रॉकेट के क्षेत्र में। साथ ही पृथ्वी की निचली कक्षा में उपग्रहों को स्थापित करने में भी सहयोग की काफी संभावनाएं हैं। उल्लेखनीय है कि, मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगिट मंगलवार को दो दिवसीय यात्रा पर जापान पहुंचे थे।

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