फिर पुराना राग, हादसे के बाद चेता अनुभाग
फायर अनुभाग की दो टीमें की गठित
आज से होगी मॉल व शॉपिंग कॉम्पलेक्स में फायर सुरक्षा की जांच।
कोटा। झालावाड़ रोड स्थित सिटी मॉल में एक दिन पहले हुई अग्नि दुर्घटना से सबक लेते हुए एक बार फिर हादसे के बाद निगम का फायर अनुभाग चेता है। इस हादसे के बाद अब शहर के सभी मॉल व शॉपिंग कॉम्पलेक्स में फायर सुरक्षा की जांच की जाएगी।विज्ञान नगर थाना क्षेत्र स्थित सिटी मॉल के एक स्टोर में बुधवार को सुबह अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। आग इतनी अधिक भीषण थी कि उससे पूरा मॉल आग व धुए़ं की चपेट में आ गया था। हालांकि गनीमत रही कि मॉल में स्टोर के अलावा अन्य दुकानों तक आग नहीं पहुंची लेकिन धुएं व आग बुझाने के दौरान दमकलों के पानी से मॉल में गिरी फॉल्स सीलिंग, आग बुझाने व धुआं निकालने के लिए तोड़े गए कांच से मॉल में करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। नतीजा कई दिन तक मॉल बंद रहेगा। आमजन को वहां प्रवेश नहीं मिलेगा और दुकानदार अपनी दुकानों से ग्राहकी नहीं कर सकेंगे।हालत यह है कि इस हादसे के बाद नगर निगम का फायर अनुभाग चेता और सभी मॉल व शॉपिंग कॉम्पलेक्स में फायर उरकरणों, सिस्टम व आग से सुरक्षा की जांच व सर्वे किया जाएगा।
दो टीमों का किया गठन
हादसे के बाद मॉल व शॉपिंग कॉम्पलेक्स में आग से सुरक्षा की जांच व सर्वे के लिए उपायुक्त फायर राकेश व्यास ने गुरुवार को फायर अनुभाग की दो टीमों का गठन किया है। निगम आयुक्त ओम प्रकाश मेहरा के निर्देश पर टीम का गठन किया गया है।
ये हैं टीम में शामिल
उपायुक्त फायर राकेश व्यास ने बताया कि एक टीम में अग्नि शमन अधिकारी मोहम्मद अजहर खान को प्रभारी बनाया गया है। इनके साथ 6 फायरमैन को लगाया गया है। वहीं दूसरी टीम में सहायक अग् िनशमन अधिकारी सीता चौबदार को प्रभारी बनाया गया है। इनके साथ 5 फायरमैन को लगाया गया है।
चार दिन में देंगे रिपोर्ट
उपायुक्त फायर व्यास ने बताया कि दोनों टीमें अपने-अपने जोन में मॉल, शॉपिंग कॉम्पलेक्स व मरकेंटायल भवनों का आग से सुरक्षा की दृष्टि से सर्वे व निरीक्षण करेंगी। इसके बाद 4 दिन में विस्तृत रिपोर्ट पेश करेंगे। जिसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। सर्वे व निरीक्षण का काम शुक्रवार से शुरु होगा।
पहले भी हादसों के बाद ही चेतता रहा है प्रशासन
यह पहला मौका नहीं है जब आग लगने के बाद निगम का फायर अनुभाग चेता है और सभी मॉल व शॉपिंग कॉम्पलेक्स में आग से सुरक्षा की जांच की जाएगी। इससे पहले भी शहर या अन्य जगहों पर जिस भी तरह के हादसे हुए हैं। उसी तरह के मामलों की जांच, सर्वे व नोटिस के साथ ही कार्रवाई की जाती रही है।
गत दिनों इंद्र विहार में नॉनवेज रेस्टोरेंट के धराशाही होने के बाद निगम व केडीए प्रशासन हरकत में आया था और सभी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करते हुए नोटिस दिए गए और सीजिंग की गई। हालांकि उसके बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
लाइब्रेरियों व हॉस्टलों की हुई थी जांच
इसी तरह से गत दिनों एक अंडरग्राउंड लायब्रेरी में पानी भरने से कई अभ्यर्थियों की मौत होने के बाद कोटा में निगम प्रशासन हरकत में आया था। यहां सभी अंडर ग्राउंड लायब्रेरियों की कुछ दिन तक जांच की गई। जांच में अधिकतर के अवैध पाए जाने पर उन्हें बंद भी कराया गया। लेकिन उसके बाद फिर से सभी जगह पर ये संचालित हो रही है।वहीं नदी पार कुन्हाड़ी स्थित चंचल विहार के एक हॉस्टल में आग लगने पर निगम के फायर अनुभाग की ओर से सभी हॉस्टलों में आग से सुरक्षा की जांच की गई। अधिकतर में कमियां मिलने पर किसी को नोटिस दिया गया तो किसी को सीज किया गया। लेकिन उसके बाद फिर से वही ढाक के तीन पात वाली स्थिति बनी हुई है।
इनका कहना है
मॉल के स्टोर में आग लगने के बाद शहर के सभी मॉल व शॉपिंग कॉम्पलेक्स में आग से सुरक्षा के उपायों व संसाधनों का सर्वे व निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए आयुक्त के निर्देश पर दो टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें शुक्रवार से अपना काम करेंगी। जिस भी तरह की रिपोर्ट आएगी उसके अनुसार संबंधित के खिलाफ ठोस व प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
- राकेश व्यास, उपायुक्त फायर नगर निगम कोटा

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