दबाव बनाया तो हमेशा के लिए बंद हो जाएगा होर्मुज जलडमरूमध्य : मिसाइल और ड्रोन इकाइयों ने अपने लक्ष्यों को पहले ही कर लिया है लॉक, मौसवी ने कहा- केवल आदेश का इंतजार
आक्रामक दुश्मन के जहाज ईरानी हथियारों की जद में हैं
तेहरान। होर्मुज जलडमरूमध्य के संबंध में संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के प्रस्ताव को बहरीन एवं अन्य देशों का समर्थन मिलने की रिपोर्टों के बीच ईरानी सैन्य अधिकारियों तथा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्र्स (आईआरजीसी) ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान पर दबाव जारी रहा तो होर्मुज को स्थायी रूप से बंद किया जा सकता है। आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल माजिद मौसवी ने कहा कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन इकाइयों ने अपने लक्ष्यों को पहले ही लॉक कर लिया है और केवल आदेश का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने कहा, मिसाइलें और एयरोस्पेस ड्रोन दुश्मन पर लॉक हैं और हम फायरिंग आदेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी ठिकानों और आक्रामक दुश्मन के जहाज ईरानी हथियारों की जद में हैं।
आईआरजीसी नौसेना कमांडर सईद सियाह-सरानी ने कहा कि यदि इस्लामी गणराज्य ईरान पर हमला होता है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य से किसी भी तेल खेप को गुजरने नहीं दिया जाएगा। ईरानी नौसेना प्रमुख शहराम ईरानी ने कहा कि स्वदेशी हल्की पनडुब्बियां पहले से ही होर्मुज जलडमरूमध्य में तैनात हैं और ट्रिगर-रेडी स्थिति में हैं। उनके अनुसार ये पनडुब्बियां समुद्र तल पर लंबे समय तक स्थिर रहकर दुश्मन के जहाजों पर नजर रख सकती हैं और आदेश मिलते ही उन्हें निशाना बना सकती हैं।
ईरानी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता अबोलफजल शेखार्ची ने भी चेतावनी दी कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने वाले किसी भी देश को निर्णायक जवाब मिलेगा। स्थानीय मीडिया के अनुसार एक अन्य सैन्य प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका के प्रतिबंध लागू करने वाले देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। आईआरजीसी नौसेना कमान ने कहा कि ईरानी तेल टैंकरों या वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का जवाब क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और दुश्मन जहाजों पर भारी हमले के रूप में दिया जाएगा। आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि उसके विशेष बलों ने दक्षिणी बंदरगाह जास्क के निकट अमेरिकी विध्वंसक जहाजों पर जवाबी कार्रवाई की थी। इसमें एंटी-शिप बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ विस्फोटक ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। ईरान ने इसे अमेरिकी युद्धविराम उल्लंघन बताया।

Comment List