रिपोर्ट में दावा : ईरान के बातचीत से हटने की धमकी, हमले रोकने को मजबूर हुआ इजरायल
प्रतिरोध मोर्चे की एकता ईरान के लिए गैर-समझौतापरक थी
ईरान ने अमेरिका संग इस्लामाबाद वार्ता से हटने की चेतावनी देकर इजरायल को बेरूत हमले रोकने पर मजबूर कर दिया। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, लेबनान पर हमले रोकना ईरान की सख्त शर्त थी। दबाव बढ़ने पर अमेरिका ने हस्तक्षेप किया। ईरान ने साफ किया—हमले दोबारा शुरू हुए तो बातचीत तुरंत खत्म होगी।
तेहरान। ईरान द्वारा अमेरिका के साथ इस्लामाबाद में प्रस्तावित बातचीत से हटने की धमकी देने के बाद इजरायल को लेबनान की राजधानी बेरूत पर अपने सैन्य हमले रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा। रिपोर्ट में यह दावा एक उच्चस्तरीय सुरक्षा सूत्र के हवाले से किया गया है। बताया गया कि लेबनान पर इजरायली हमलों के बाद ईरान ने इन हमलों को रोकना, अमेरिका के साथ अस्थायी युद्धविराम बातचीत में शामिल होने की सख्त पूर्व शर्त बना दिया था। सूत्रों के अनुसार प्रतिरोध मोर्चे की एकता ईरान के लिए गैर-समझौतापरक थी।
उन्होंने बताया कि लेबनान पर इजरायली हमलों के जारी रहने के कारण ईरानी प्रतिनिधिमंडल की इस्लामाबाद यात्रा कई बार टाली गयी। लगातार दबाव और बातचीत से हटने की विश्वसनीय चेतावनी के चलते ईरान ने अमेरिका को इजरायल पर दबाव बनाने के लिए मजबूर किया, जिसके बाद बेरूत पर हमले रोके गए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बातचीत की निरंतरता इस बात पर निर्भर करेगी कि इजरायल बेरूत और उसके दक्षिणी उपनगर दहियेह पर आगे कोई हमला न करे। ईरान ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इजरायल ने हमले फिर से शुरू किए, तो बातचीत प्रक्रिया तत्काल समाप्त कर दी जाएगी।

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