ट्रंप सरकार का बड़ा ऐलान: ईरान के विदेशी सैन्य खरीद नेटवर्क पर लगाया प्रतिबंध, ईरानी हमलों में मदद करने के लिए सैटेलाइट इमेजरी प्रदान करने का आरोप, प्रतिबंधित संस्थाओं में चीनी कंपनियां शामिल
अमेरिका ने ईरानी नेटवर्क पर लगाए कड़े प्रतिबंध
अमेरिका ने ईरान के सैन्य नेटवर्क और ड्रोन कार्यक्रमों को कुचलने के लिए नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। इनमें सैटेलाइट इमेजरी प्रदान करने वाली चीनी कंपनियां भी शामिल हैं, जो अमेरिकी सेना के लिए खतरा बनी थीं। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत ईरान की आपूर्ति शृंखला को वैश्विक स्तर पर बाधित करने का यह सख्त कदम है।
वॉशिंगटन। अमेरिका ने ईरान के सैन्य खरीद नेटवर्क की सहायता करने के आरोप में कई संस्थानों पर नये प्रतिबंध लगाये हैं। इनमें वे कंपनियां भी शामिल हैं जिन पर कथित तौर पर पश्चिम एशिया में अमेरिकी और सहयोगी देशों की सेनाओं के खिलाफ ईरानी हमलों में मदद करने के लिए उपग्रह चित्र (सैटेलाइट इमेजरी) प्रदान करने का आरोप है। अमेरिकी विदेश विभाग की ओर से जारी फैक्ट शीट के अनुसार, मिसाइल और ड्रोन संचालन सहित ईरानी सैन्य गतिविधियों को सक्षम बनाने वाली उपग्रह चित्र और संबंधित तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए चार संस्थाओं को प्रतिबंधित किया गया है।
अमेरिका ने कहा कि इस तरह की सहायता क्षेत्र में अमेरिकी और भागीदार सेनाओं के लिए सीधा खतरा पैदा करती है। अमेरिकी वित्त विभाग ने भी 10 व्यक्तियों और संस्थाओं को नामित किया है, जिन पर ईरान को उसके मानवरहित विमान (यूएवी) और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों से संबंधित हथियार और कच्चा माल प्राप्त करने में मदद करने का आरोप है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ये उपाय 'नेशनल सिक्योरिटी प्रेसिडेंशियल मेमोरेंडम 2' के तहत ईरान की सैन्य आपूर्ति शृंखलाओं को बाधित करने और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के बाद उसके प्रसार-संवेदनशील कार्यक्रमों को फिर से खड़ा करने के किसी भी प्रयास को रोकने के व्यापक अभियान का हिस्सा हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई परमाणु प्रतिबद्धताओं के प्रति ईरान की 'बेहद लापरवाही' दिखाने के बाद सितंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के प्रतिबंधों को फिर से लागू किये जाने के बाद की गयी है। इन उपायों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1929 के तहत ईरान को पारंपरिक हथियारों के हस्तांतरण, तकनीकी सहायता और संबंधित सेवाओं पर प्रतिबंध शामिल हैं। प्रतिबंधित संस्थाओं में चीन स्थित कंपनियां जैसे मीनट्रॉपी टेक्नोलॉजी (मिज़ारविज़न) और द अर्थ आई (टीईई) शामिल हैं, जिन पर ईरानी सैन्य उपयोग से जुड़ी उपग्रह चित्र प्रदान करने का आरोप है।
एक अन्य चीनी कंपनी, चांग गुआंग सैटेलाइट टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड पर अमेरिकी और सहयोगी सैन्य स्थलों की तस्वीरें एकत्र करने और उनकी आपूर्ति करने तथा पहले अमेरिका के प्रतिबंधित हूतियों को डाटा प्रदान करने का आरोप लगाया गया है। ईरान के रक्षा मंत्रालय के निर्यात केंद्र (माइंडेक्स), जिसे पहले मॉडलेक्स के नाम से जाना जाता था, को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरानी रक्षा उपकरणों को बढ़ावा देने में उसकी भूमिका के लिए नामित किया गया है। अमेरिकी सरकार ने दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों के उल्लंघन में ईरान के सैन्य कार्यक्रमों को मिलने वाले किसी भी समर्थन के गंभीर परिणाम होंगे और ऐसी कार्रवाइयों का करारा जवाब दिया जायेगा।

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