राजकाज

राजकाज

चर्चा में रम और गम के पटाखे : चिन्ता दूसरी पीढ़ी की : तैयारी ढाई साल की : चांस ब्रेक लगने के : दिल है कि मानता

चर्चा में रम और गम के पटाखे
सूबे में इन दिनों हाथ वाले भाई लोगों में पटाखों को लेकर काफी चर्चा है। इंदिरा गांधी भवन में बने पीसीसी के ठिकाने पर ग्रीन पटाखों की नहीं बल्कि रम और गम के पटाखों की चर्चा कुछ ज्यादा ही हैं। यहां आने वाला हर कोई वर्कर बतियाता है कि कई भाई लोगों के सपने थे कि इस बार दीपावली पर तो पटाखे छोड़े बिना नहीं रहेंगे, मगर शनि को दिल्ली से छन-छनकर आई खबरों के बाद उनके मंसूबों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। ठिकाने पर सालों से आ रहे बुजुर्गवार की मानें, तो जोधपुर वाले अशोक जी भाईसाहब अपने हिसाब से दीपावली के बाद आने देवउठनी एकादश के बाद बम पटाखे छोड़ेंगे, जिनकी आवाज दूर तलक जाए बिना नहीं रहेगी। कुर्सी के लिए दिन में सपने देखने वाले भाई लोग अभी तो लम्बी सांस के साथ गम और रम के पटाखे छोड़ते नजर आ रहे हैं। अब समझने वाले समझ गए, ना समझे वो अनाड़ी हैं।


चिन्ता दूसरी पीढ़ी की
इन दिनों राज के कुछ रत्न अपनी दूसरी पीढ़ी के लिए दिन रात एक किए हुए हैं। उनके लिए वे न रात देख रहे हैं और न ही दिन। रात को काम करने के लिए भी पसीने बहा रहे हैं। उनके उलटे सीधे कामों को ढाकने के लिए खाकी वालों तक के हाथ-पैर जोड़ रहे हैं। इस मामले में पिंकसिटी से ताल्लुकात रखने वाले एक रत्न तो दो कदम आगे हैं। पुत्र मोह में फंसे भाईसाहब न आगा देख रहे हैं और न ही पीछा। पुत्र भी काफी स्याणा है, जो रात दिन जमीन से ही जुड़ा रहता है। राज का काज करने वाले लंच केबिनों में बतियाते हैं कि पुत्र मोह में फंसे भाई साहब की मजबूरी है, वरना वो भी जानते है कि यह पब्लिक है, सब जानती है और सब पहचानती है कि उसको आगे क्या करना है।


तैयारी ढाई साल की
दिल्ली की सरकार के लिए जंग तो ढाई साल बाद होगी, लेकिन नेताओं ने अभी से पसीने बहाने शुरू कर दिए है। भारती भवन वालों ने तो बैठकों में चिंतन-मंथन का कलैण्डर तक बना लिया। अब देखो ना सूबे में उपचुनावों की आड़ में आगे की रणनीति पर काम भी शुरू हो गया। सरदार पटेल मार्ग पर स्थित बंगला नंबर 51 में बने भगवा वालों के ठिकाने पर चर्चा है कि स्टार प्रचारकों की लिस्ट में मैडम का नाम देखकर ही समझ गए कि सूबे में 2023 की जंग जीतने का सेहरा किसके सिर पर बंधेगा। अब सोचने वाले तो आगे तक की भी सोच रहे हैं कि हाथ वालों की ओर से प्रियंका के आगे आने पर भगवा वाले भी अपनी रणनीति बदले बिना नहीं रहेंगे और अपनी ओर से सूबे वाली मैडम को ही आगे करेंगे, चाहे वह नंबर वन कुर्सी पर ही विराजमान हो।


चांस ब्रेक लगने के
आजकल राज का काज करने वाले भाई लोगों के दिलों में एक डर बैठा हुआ है। उनका यह डर लंच टेबिलों पर कभी कभार वह जुबान पर आ ही जाता है। मामला भी गाड़ियों से जुड़ा है। जोधपुर वाले भाईसाहब कभी भी 17 साल पहले किए अपने एक फैसले का फरमान जारी कर सकते हैं। अब बीस गुणा ज्यादा बढ़ चुकी सरकारी गाड़ियों की स्पीड पर पेट्रोल की बढ़ती कीमत और मितव्ययता की आड़ में ब्रेक लगाने के चांस कुछ ज्यादा ही हैं।


दिल है कि मानता
दिल तो दिल ही होता है। मान जाए, तो ठीक है, नहीं माने तो उस पर किसी का वश नहीं होता। कमल वाली पार्टी में वल्लभनगर और धरियावद के उपचुनाव के लिए उच्च स्तर पर दिल मिलाने की लाख कोशिशें की गई। लेकिन दिल केवल टिकट बांटने तक राजी हुआ। मैदान में प्रचार-प्रसार के लिए उदयपुर वाले भाईसाहब का दिल अभी तैयार ही नहीं है। सरदार पटेल मार्ग पर स्थित बंगला नंबर 51 में चर्चा आम है कि दिलों में अभी भी दरार है। समझौता केवल दिखावटी है। दिल नहीं मिलने से वोटर भी मझदार में है। उन्होंने भी बिना दल वालों से दिल मिलाने की ठान ली है।

      एल एल शर्मा
(यह लेखक के अपने विचार हैं)

Post Comment

Comment List

Latest News

अंबेडकर जयंती पर पीसीसी ने प्रदेश भर में किए कार्यक्रम, पुष्पांजलि कार्यक्रम और संगोष्ठी सम्पन्न अंबेडकर जयंती पर पीसीसी ने प्रदेश भर में किए कार्यक्रम, पुष्पांजलि कार्यक्रम और संगोष्ठी सम्पन्न
संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती पर प्रदेश कांग्रेस ने जयपुर मुख्यालय सहित सभी जिला, ब्लॉक, नगर और मंडल...
राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों में देरी, गहलोत बोले- राजस्थान में पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव न होने पर राष्ट्रपति एवं राज्यपाल को करना चाहिए हस्तक्षेप
संशोधन विधेयक सांसदों को उपलब्ध न कराना लोकतंत्र का मजाक : यह सरकार की मनमानी, जयराम ने कहा- सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की विपक्ष की जायज मांग को किया खारिज
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर ने लेबनान पर इजरायली हमलों को रोकने का किया आह्वान : तत्काल युद्धविराम की मांग, बोले- इजराइल के हमले गलत
अखिलेश यादव ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को अर्पित की श्रद्धांजलि : नोएडा की घटना के लिए राज्य सरकार को ठहराया जिम्मेदार, सत्ता परिर्वतन की मांग
पति को पत्नी के प्रेमी ने दी जान से मारने की धमकी, कहा- तेरा काल हूं, जहां मिलेगा वहीं खत्म
अंबेडकर जयंती पर मायावती का नमन : गरीबों, वंचितों और शोषितों के अधिकारों की रक्षा में बीता जीवन, कहा- देश में करोड़ों लोगबेरोजगारी, जातिवाद और शोषण की समस्याओं से जूझ रहे