RAS परीक्षा में रिश्तेदारों के चयन पर बोले डोटासरा, प्रतिभा के दम पर पास हुए, रिश्तेदार होने से नबंर नहीं मिले

RAS परीक्षा में रिश्तेदारों के चयन पर बोले डोटासरा, प्रतिभा के दम पर पास हुए, रिश्तेदार होने से नबंर नहीं मिले

शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा की पुत्रवधु प्रतिभा के भाई गौरव पूनिया और बहन प्रभा पूनिया के आरएएस बनने और इंटरव्यू में 80 फीसदी अधिक अंक मिलने के मामले में सोशल मीडिया पर जमकर बहस चल रही है। चर्चा इस बात की चल रही है कि डोटासरा ने अपने पद का इस्तेमाल करते हुए उनका चयन करवाया, हालांकि डोटासरा ने इन आरोपों का खंडन किया है।

जयपुर। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा की पुत्रवधु प्रतिभा के भाई गौरव पूनिया और बहन प्रभा पूनिया के आरएएस बनने और इंटरव्यू में 80 फीसदी अधिक अंक मिलने के मामले में सोशल मीडिया पर जमकर बहस चल रही है। चर्चा इस बात की चल रही है कि डोटासरा ने अपने पद का इस्तेमाल करते हुए उनका चयन करवाया, हालांकि डोटासरा ने इन आरोपों का खंडन किया है। डोटासरा ने कहा कि राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से जारी आरएएस के रिजल्ट से उनका कोई लेना-देना नहीं है। बहुत सारे लोगों को इंटरव्यू में 75-80 फीसदी के बीच नंबर मिले हैं। मेरे जो रिश्तेदार परीक्षा में पास हुए हैं, वे अपनी प्रतिभा के दम पर हुए हैं। अगर किसी को मेरे नाम से फायदा मिलता तो क्या वह अपने बड़े बेटे और पुत्रवधु को भी आरएएस नहीं बनवा देते।

डोटासरा ने कहा कि राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) परीक्षा पास करना प्रतिभा पर आधारित है। ऐसे में जो बच्चे टैलेंडेट होते हैं वो सफल होते हैं। पहले प्री और फिर बाद में मेन परीक्षा पास करते हैं और उसके बाद इंटरव्यू होता है जिसमें बोर्ड मेंबर और एक्सपर्ट बैठते हैं। इसमें किसी भी राजनेता का कोई लेना देना नहीं होता है। ऐसे में अंक मुद्दा नहीं होना चाहिए। इंटरव्यू से पहले प्री और मेन पास करनी पड़ती है। पारिवारिक संबंधों के कारण किसी को इंटरव्यू में नंबर नहीं मिलते हैं। यह सोशल मीडिया पर चलाया गया प्रोपेगेंडा है। जिस बच्चे की बात हो रही है वह दिल्ली यूनिवर्सिटी का टॉपर रहा और जो बच्ची है वह मेडिकल पास करके दो बच्चों को पालते हुए मेहनत करके आरएएस बनी है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि मेरा बेटा 2016 में पास हुआ था वो भी आरएएस बना है। पुत्रवधु जब पास हुई थी तब हमारा रिश्ता नहीं हुआ था। रिश्ता रिजल्ट के 20 महीने बाद जब वो ट्रेनिंग में आ गई उसके बाद हुआ। तब तो भाजपा का राज था। जिनका सलेक्शन नहीं होता है वे खीझ मिटाने के लिए ऐसी बातें करते हैं। उन्होंने कहा कि आरपीएससी इस परीक्षा को बहुत पारदर्शिता के साथ कराता रहा है चाहे किसी भी सरकार का शासन रहा हो। प्रतिभाशाली बच्चे अपने मुकाम हासिल करते हैं। इसमें किसी राजनेता का कोई लेना देना नहीं होता है।

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