अवैध गतिविधियों का अड्डा बन रही यूआईटी की आवासीय योजना

मोहनलाल सुखाड़िया आवासीय योजना - आवंटी से ज्यादा अवैध रूप से रह रहे लोग, सुरक्षा भगवान भरोसे , अधिकतर फ्लैट के ताले टूटे, सामान चोरी

अवैध गतिविधियों का अड्डा बन रही यूआईटी की आवासीय योजना

मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत नगर विकास न्यास द्वारा बनाई गई मोहनलाल सुखाड़िया आवासीय योजना इन दिनों अवैध गतिविधियों का अड्डा बनी हुई है। वहां अधिकतर खाली फ्लैट में आवंटी से अधिक अवैध रूप से लोग रह रहे हैं।

कोटा । मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत नगर विकास न्यास द्वारा बनाई गई मोहनलाल सुखाड़िया आवासीय योजना इन दिनों अवैध गतिविधियों का अड्डा बनी हुई है। वहां अधिकतर खाली फ्लैट में आवंटी से अधिक अवैध रूप से लोग रह रहे हैं। न्यास अधिकारियों की अनदेखी के चलते अधिकतर फ्लैट के ताले टूटे हुए हैं और सामान चोरी हो गए। योजना में रहने वालों की सुरक्षा भगवान भरोसे चल रही है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाड़िया के नाम पर नगर विकास न्यास ने नदी पार नांता क्षेत्र में मोहनलाल सुखाड़िया आवासीय योजना बनाई थी। वर्ष 2011 और वर्ष 2015 में बनाई गई इस योजना में ए, बी. सी. व डी ब्लॉक बनाए गए। हर योजना में कुल 750 से अधिक फ्लैट तैयार किए गए। आर्थिक रूप से कमजोर व अल्प आय वर्ग के लोगों के रहने के लिए बनाए इन फ्लैट में  से गितनी के  फ्लैट में तो मूल रूप से आवंटी रह रहे हैं।  वे भी दूर-दूर रह रहे हैं। जिससे लोगों में अकेलापन रहता है। जबकि अधिकतर फ्लैट खाली पड़े हुए हैं। वहीं कुछ लोगों ने दो हजार रुपए महीने में  फ्लैट किराए पर दे रखे हैं।

फ्लैट हुए कबाड़, टूटे शीशे
पिछले कई सालों से खाली पड़े ये फ्लैट कबाड़ बनकर रह गए हैं। किसी मकान में कबाड़ भरा हुआ है तो किसी में जानवर बंधे हैं। किसी में लोगों के कपड़े रखे हुए हैं। न्यास अधिकारियों की अनदेखी के चलते अधिकतर फ्लैट की खिड़कियों के शीशे टूट गए हैं।

सुरक्षा नहीं होने से खतरा अधिक
योजना में रहने वालों का कहना है कि यहां जी प्लस थ्री के तहत फ्लैट तो बहुत सारे बने हुए है। लेकिन उनमें 10 फीसदी लोग भी नहीं रह रहे हैं। ऐसे में यदि वे काम पर चले जाते हैं तो सुबह से शाम तक उनकी महिलाएं व बच्चे अकेले रहते हैं। गेट पर गार्ड है लेकिन वह कोई ध्यान नहीं देते हैं। ऐसे में यहां कौन आ रहा है और किस तरह का आ रहा है। ऐसे में परिवार की सुरक्षा नहीं होने से खतरा बना रहता है।

नालियां जाम, सफाई तक नहीं होती
योजना में रहने वाले लोगों ने बताया कि यहां सुबह के समय कचरा लेने के लिए टिपर तो आ रहा है। लेकिन नालियां साफ नहीं हो रही। जिससे नालियां जाम हो रही हैं। ऐसे में बरसात के समय में उनमें मच्छर होने से बीमारियों का  खतरा बना हुआ है।  

मुख्य द्वार पर गार्ड लेकिन कोई पूछताछ नहीं
न्यास की ओर से यहां सुरक्षा के लिए मुख्य द्वार पर गार्ड तो लगा रखे हैं। लेकिन वह सिर्फ अपनी मौजूदगी का अहसास करवा रहे हैं। उस कॉलोनी में कौन प्रवेश कर रहा है और किससे मिलने जा रहा है। गार्ड किसी से भी पूछताछ तक नहीं कर रहे। जबकि वहां गिनती के ही लोग रह रहे हैं। ऐसे में गार्डां  की लापरवाही का ही कुछ लोग फायदा उठाकर वहां अवैध गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।

हर फ्लैट का टूटा ताला, बिजली के तार चोरी
योजना के डी ब्लॉक में बने अधिकतर फ्लैट के ताले टूटे हुए हैं। जिन फ्लैट में लोग रह रहे हैं वे तो सही हैं। जबकि उनके अलावा सभी फ्लैट में बिजली के तार चोरी हो चुके हैं। बिजली के बोर्ड या तो टूटे पड़े हैं या चोरी हो गए हैं। खाली फ्लैट में से अधिकतर में अवैध रूप से लोगों का आवागमन होता रहता है। उन फ्लैट में अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। दिन के समय वहां अनजान लोगों का आना-जाना लगा रहता है। जिनके बारे में न तो सुरक्षा गार्ड को कोई जानकारी है और न ही नगर विकास न्यास के अधिकारियों को।

आवागमन के साधनों का अभाव
योजना में रहने वाले लोगों ने बताया कि यह शहर से दूर है। आवागमन का भी कोई साधन नहीं है। सिटी बसे आती हैं लेकिन वे भी समय-समय पर आती हैं। ऐसे में यहां आने व जाने के लिए या तो खुद का साधन हो या फिर निजी वाहन करके लाना महंगा पड़ता है। इसी कारण से यहां अधिकतर लोग रहने नहीं आ रहे हैं।

न्यास सचिव ने नहीं किया फोन रिसीव
नगर विकास न्यास के सचिव राजेश जोशी से इस सबंध में जानने के लिए मोबाइल पर दो बार फोन किया। लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

आवासीय योजना यूआईटी की है तो अधिकारियों को उस पर ध्यान देना चाहिए।  न्यास सचिव को वहां सर्वे करवाकर मूल आवंटियों के अलावा जो भी लोग रहे हैं उन्हें वहां से हटाना चाहिए। अवैध गतिविधियां करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए।
- रविन्द्र त्यागी, पूर्व अध्यक्ष, नगर विकास न्यास

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