ऑपरेशन ‘गैंगस्टर क्लीन बोल्ड’: जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की प्रदेश की सबसे बड़ी रेड

ऑपरेशन ‘गैंगस्टर क्लीन बोल्ड’: जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की प्रदेश की सबसे बड़ी रेड

8 घंटे, 341 जगह दबिश, 145 अपराधी गिरफ्तार : गुण्डों का डर खत्म करने के लिए पुलिस ने घर में घुसकर दी दबिश, ऑपरेशन गोपनीय बना रहे इसलिए नाम रखा ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान

जयपुर। जयपुर कमिश्नरेट इलाके में बदमाशों का खौफ कम हो और आमजन बिना डर के अपनी जिंदगी जी सके, इसके लिए कमिश्नरेट पुलिस ने शनिवार अलसुबह चार से लेकर दोपहर 12 बजे तक आॅपरेशन ‘गैंगस्टर क्लीन बोल्ड’ चलाया। आॅपरेशन पूरी गोपनीय रखा गया। किसी तरह लीक नहीं हो, इसके लिए नाम ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ रखा गया। थाना पुलिस को भी अंत में सूचना दी गई जब रेड डालने का समय आ गया। रेड से तीन घंटे पहले ही लाइन में आॅपरेशन की तैयारी शुरू कर दी गई। कमिश्नरेट की 341 टीमों ने सर्च शुरू किया और 341 जगहों पर दबिश देकर 185 लोगों को चिन्हित किया और उनमें से कुल 145 अपराधी गिरफ्तार किए। इसमें 21 प्रकरण दर्ज कर 68 वाहन जब्त, एक दर्जन से अधिक तलवार, 4-5 पिस्टल, और बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई। इस आॅपरेशन की तैयारी तीन माह में पूर्व की गई लेकिन कोरोना के कारण पुलिस अंजाम नहीं दे सकी। पुलिस ने जिला उत्तर में 51, दक्षिण में 33,  पश्चिम में 36 और पूर्व में 64 बदमाशों को पकड़ा। देर रात तक पुलिस ने गिरफ्तार किए बदमाशों से पूछताछ की और नए नाम सामने आने पर उनके यहां भी दबिश देकर कार्रवाई की।

इनका भी रहा अहम योगदान

कमिश्नरेट के अधिकारियों के अलावा चारों जिले पूर्व के डीसीपी प्रहलाद कृष्णियां, पश्चिम के प्रदीप मोहन शर्मा, उत्तर के परिस देशमुख, और साउथ के हरेन्द्र महावर ने मॉनिटरिंग कर फील्ड में पहुंचकर आॅपरेशन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

ऑपरेशन से आमजन को लाभ
-बदमाशों का गली-मोहल्लों के आमजन में भय कम होगा।
-त्योहारी सीजन में बड़ी वारदात होने से रुकेगी।
-बाहर से आने वाले बदमाशों को शरण देने पर अंकुश लगेगा।
-जमीन एवं सम्पत्ति के विवाद कम होंगे।
-अवैध शराब तस्करी, सट्टा कारोबार और जूए पर अंकुश लगेगा।
-अपराधियों में डर व आमजन में विश्वास कायम होगा।
-हथियारों की सप्लाई पर रोक लगेगी।
कमिश्नर, दो एडिशनल कमिश्नर, पांच डीसीपी, एडीसीपी-12, एसीपी-20, पुलिस निरीक्षक-74, एसआई,एएसआई, हैड कांस्टेबल और कांस्टेबल-2487 की टीम ने की कार्रवाई


ऑपरेशन के मुख्य किरदार
पुलिस कमिश्नर: आनंद श्रीवास्तव
श्रीवास्तव ने जयपुर इलाके में बढ़ते बदमाशों की सक्रियता को देखते हुए तीन माह पूर्व बदमाशों के घरों पर जाकर दबिश देने की प्लानिंग की। ऑपरेशन को चलाने के लिए गुप्त रूप से तैयारी की गई।


अ. पुलिस कमिश्नर द्वितीय: राहुल प्रकाश
इन्होंने ऑपरेशन से पूर्व पुलिस जाब्ता की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी संभाली। आॅपरेशन के लिए पांच-पांच की संख्या में 314 टीम बनार्इं। आठ टीम, एफएसएल, नौ टीमें रिजर्व में रखी गईं।

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अ. पुलिस कमिश्नर प्रथम: अजयपाल लाम्बा
इन्होंने खुद आॅपरेशन के मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संभाली। हर बदमाश को चिन्हित करने के लिए टीम बनाईं। ऑपरेशन के दिन सुबह खुद फील्ड में निकले कई थाना इलाकों में बदमाशों के घर दबिश दी। हर रेड पार्टी में दो पुलिसकर्मियों को हथियार के साथ शामिल किया।


डीसीपी क्राइम: दिगंत आनंद
इन्होंने अंडर कवर रखते हुए टीमों को बदमाशों को चिन्हित करने का टास्क दिया। बदमाशों के बारे में पूरी जानकारी जुटाई। ऑपरेशन को पूरी तरह गोपनीय रखने के लिए टीमों पर भी विशेष निगरानी रखी गई।

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