दुराचारी-हत्यारे को फांसी की सजा :4 महीने+4 दिन= सजा का ऐलान

दुराचारी-हत्यारे को फांसी की सजा :4 महीने+4 दिन= सजा का ऐलान

अजमेर की पोक्सो अदालत ने सुनाया फैसला : तेरह वर्षीय बालिका से दुराचार के बाद की थी हत्या

अजमेर। विशिष्ट न्यायाधीश (न्यायालय पोक्सो प्रकरण संख्या एक) रतनलाल मूंड ने तेरह वर्षीय बालिका से दुराचार कर नृशंस हत्या करने के आरोपी सुंदर उर्फ सुरेन्द्र उर्फ सत्तू (26) को घटना के चार महीने, चार दिन बाद फांसी की सजा सुनाई।  उस पर सवा लाख रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। अजमेर की पोक्सो प्रकरण की विशेष अदालत में पहली बार किसी आरोपी को फांसी सजा दी गई है।  पुलिस महानिरीक्षक एस. सेंगाथिर ने बताया कि नाबालिगों के साथ बढ़ रहे घिनौने कृत्य व हत्या के मामले में अजमेर संभाग में पांच दिन के अंतराल में आरोपी को फांसी की सजा का दूसरा आदेश है। मेड़ता की पोक्सो कोर्ट ने इसी तरह के कृत्य के आरोपी को फांसी की सजा व दो लाख रुपए जुर्माना से दंडित किया था।

पुलिस की तत्परता : मामला दर्ज होने के साढ़े11 घंटे बाद गिरफ्तार, तीन दिन में आरोप पत्र
पुष्कर थाना पुलिस ने 22 जून, 2021 को मुकदमा दर्ज होने के करीब साढेÞ ग्यारह घंटे बाद ही आरोपी सत्तू को गिरफ्तार कर लिया था। फिर तत्परता से जांच करते हुए तीन दिन बाद ही 25 जून को उसके आरोप-पत्र पेश कर दिया। 27 जुलाई को अदालत ने सत्तू को आरोपित (चार्ज लगाया) किया।

अदालत ने माना, दुर्लभतम श्रेणी का अपराध

न्यायाधीश मूंड ने आदेश में लिखा है कि आरोपी सत्तू ने तेरह वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ पशुवत जैसा गंभीर व घिनौना अपराध किया है। उसने दूषित मानसिकता से मृतका के साथ दुराचार कर क्रूरता व बेरहमी से पत्थर सिर में मार-मार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। यह अपराध दुर्लभतम श्रेणी का है। इस घटना से समाज में आक्रोश व भय का माहौल पैदा हो गया है। साथ ही बच्चियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्याप्त हो गई। आरोपी को इस घटना का कोई पश्चाताप हो ऐसा प्रकट नहीं होता है।

नहीं ली वकीलों ने फीस
सजा सुनाते समय अदालत में आरोपी सत्तू के अलावा उसकी पत्नी, बच्चे व परिवार की एक महिला व दो पुरुष तथा मृतका के पिता व परिवादी उपस्थित थे। सजा का आदेश होने से पहले ही परिवादी हाथ जोड़कर खड़ा था। जैसे ही सजा के आदेश हुए उसने हाथ जोड़कर न्यायाधीश का आभार व्यक्त किया। उसने अपने दोनों वकील भगवान सिंह चौहान व अशोक सिंह रावत सहित विशिष्ट लोक अभियोजक परिहार के पैर छूकर न्याय दिलाने के लिए उनका आभार जताया। दोनों वकीलों ने उससे न तो फीस ली, ना ही कोई अन्य अदालती खर्च कराया।

30 गवाह और 51 दस्तावेजी  साक्ष्य प्रस्तुत
16 अगस्त से 22 अक्टूबर तक गवाहों के बयान हुए। इस दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक रुपेन्द्र परिहार द्वारा सत्तू का अपराध करना प्रमाणित करने के लिए 30 गवाह एवं 51 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत हुए।

मिट्टी से निकाला डीएनए
एफएसएल निदेशक डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि  सबूत जुटाने के लिए मौके से मिट्टी के साक्ष्य लिए। इस मिट्टी से आरोपी का डीएनए निकाला गया। आरोपी के कपड़ों पर मिले बच्ची के ब्लड से जांच की वह भी मिलान हो गया। इसके अलावा बच्ची के कपड़ों पर आरोपी का सीमन मिला। इन सभी साक्ष्यों की रिपोर्ट मात्र चार दिन में पुलिस को सौंप दी, जिससे आरोपी फांसी की सजा तक पहुंच सका।

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